बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार नई दिल्ली,(ईएमएस)। संसद का बजट सत्र 2026 बुधवार से शुरु होने जा रहा है, उससे पहले मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में जबरदस्त हंगामा हुआ। बैठक के दौरान विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। बैठक के दौरान सीपीआई-एम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिट्टास ने कहा, कि बजट सत्र का एजेंडा स्पष्ट नहीं है और मुख्य संसदीय कार्यवाही अस्पष्ट बनी हुई है। बार-बार ट्रंप द्वारा किए जा रहे अपमान का मामला भी विपक्ष ने उठाया और सदन में चर्चा की मांग रखी। सांसद जॉन ब्रिट्टास ने आरोप लगाते हुए कहा, सरकार सस्पेंस और स्टंट वाली राजनीति बंद करे और वादे के मुताबिक पहले एजेंडा सर्कुलेट करे। जानकारी अनुसार सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बारंबार भारत की विदेश नीति का बार-बार किया जा रहा अपमान और वेनेजुएला, फिलिस्तीन एवं ग्रीनलैंड के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी। इस पर सरकार ने केवल राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चर्चा का विकल्प सुझाया, जिसे विपक्ष द्वारा खारिज कर दिया गया। सस्पेंस वाली राजनीति बंद हो सर्वदलीय बैठक खत्म होने के बाद सांसद जॉन ब्रिटास ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, कि विदेश नीति के मामले में भारत को जिस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उस पर संसद में बात होनी चाहिए। यहां उन्होंने वेनेजुएला, फिलिस्तीन और ग्रीनलैंड की वर्तमान परिस्थितियों व स्थिति का भी जिक्र किया और सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा। विपक्ष ने सरकार से सस्पेंस वाली राजनीति और महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम समय तक गुप्त रखने की आदत अब बंद करने की भी बात कही। संसद में गूंजेगा मनरेगा का मुद्दा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की मांग भी विपक्ष द्वारा की गई है। सांसद ब्रिटास ने कहा, इस बार संसद में मनरेगा के लिए राज्य सरकारों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के केंद्र के फैसले से उत्पन्न मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि बजट सत्र के दौरान इन तमाम गंभीर विषयों पर सरकार की जवाबदेही तय करने के प्रयास किए जाएंगे। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष द्वारा जिस तरह से विरोध दर्ज कराया या है उससे बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 27जनवरी26