28-Jan-2026
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-बोले- सरकार को राजकोषीय प्रस्तावों से पहले ज्वलंत मुद्दों का समाधान करना चाहिए नई दिल्ली,(ईएमएस)। संसद के बजट सत्र से पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी प्राथमिकताओं और इरादों पर सवाल उठाए। सत्र के पहले दिन मसूद ने कहा कि सरकार को राजकोषीय प्रस्तावों को पेश करने से पहले देश के ज्वलंत मुद्दों का समाधान करना चाहिए। यूपी में हाल ही में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए मसूद ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जिक्र किया और राज्य सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। इस समय देश का ज्वलंत मुद्दा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हैं। यूपी सरकार को उनसे उनकी उपाधि के बारे में पूछने का क्या अधिकार है? मसूद ने आरोप लगाया कि पहचान धर्म और मतदान के अधिकार को आपस में जोड़ने के प्रयास बहुत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि मतदान करने के लिए आपको यह साबित करना होगा कि आप वैध मतदाता हैं, लेकिन यह पूछना कि आप हिंदू हैं या नहीं, समझ से परे है। वे देश में क्या करना चाहते हैं? वे क्या बदलाव लाना चाहते हैं? बता दें संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। भारत का आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किया जाएगा, जिसमें 2025-26 के लिए अर्थव्यवस्था का विस्तृत आकलन और अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमान प्रस्तुत किए जाएंगे। 2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होना है। सत्र 65 दिनों में 30 सत्रों के साथ 2 अप्रैल को खत्म होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर सत्र शुरू करेंगे, जिससे स्थायी समितियों को कई मंत्रालयों के अनुदान अनुरोधों की जांच करने का अवसर मिलेगा। सत्र से पहले एजेंडे की रूपरेखा तैयार करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक हुई। कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा कि पार्टी कार्यवाही में सहयोग का आश्वासन देते हुए वोट चोरी, एसआईआर, धान खरीद और मनरेगा फोकस की बहाली समेत जन-केंद्रित मुद्दों को उठाएगी। वे क्या बदलाव लाना चाहते हैं? कांग्रेसी अल्पसंख्यक आज़मुद्दीन मसूद ने भी बजट सत्र से पहले केंद्र सरकार के समग्र पर सवाल उठाए। सिराज/ईएमएस 28जनवरी26