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28-Jan-2026


मुंबई, (ईएमएस)। फास्टैग सिस्टम को और आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टोल को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अब, 1 फरवरी 2026 से, कारों, जीपों या वैन के लिए जारी किए गए फास्टैग के लिए अपने वाहन को जानें (केवायवी) वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू नहीं होगा। अक्सर, फास्टैग जारी होने के बाद उनके इस्तेमाल में देरी होती थी, और गाड़ी मालिकों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता था। इसके लिए अपने वाहन को जानें (केवायवी) प्रोसेस ज़रूरी था, जिसमें गाड़ी की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और एक फोटो अपलोड करनी होती थी। इस केवायवी प्रोसेस में देरी की वजह से अक्सर कई दिक्कतें आती थीं। इसलिए, अब इस प्रोसेस को बंद कर दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक, एनएचएआई ने वेरिफिकेशन का काम बैंकों को सौंप दिया है। अब, फास्टैग जारी करने वाले बैंक गाड़ी से जुड़ी सभी जानकारी को वेरिफाई करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे। यह वेरिफिकेशन गाड़ी के डेटाबेस के ज़रिए किया जाएगा। इसलिए, अब आपको अपना फास्टैग एक्टिवेट करने के लिए बार-बार वेरिफिकेशन करवाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। Know Your Vehicle (केवायवी) प्रोसेस का इस्तेमाल फास्टैग को वेरिफाई करने के लिए किया जाता था, ताकि यह पक्का हो सके कि यह असली है और नकली या डुप्लीकेट नहीं है। हालांकि, टेक्निकल दिक्कतों की वजह से इस प्रोसेस में अक्सर काफी समय लगता था, जिससे गाड़ी मालिकों को परेशानी होती थी। यही वजह है कि केवायवी प्रोसेस को बंद करने का फैसला लिया गया है। स्वेता/संतोष झा- २८ जनवरी/२०२६/ईएमएस