राज्य
निवेशकों के साथ फ्रॉडः- निवेशकों को जो जमीन दिखाई जाती थी वह जमीने कृषि भूमि के रूप में दर्ज पायी गयी, बिना भू-उपयोग परिवर्तन के भारी मात्रा में अवैध तरीके से प्लाटिंग कर जमीन को विक्रय कर दी गयी । कई निवेशकों के साथ नॉन-रजिस्टर्ड एग्रीमेन्ट करके उनसे भारी मात्रा में धनराशि एकत्र कर ली गयी । जब जमीन न मिलने की स्थिति में निवेशकों द्वारा वापस पैसा मांगा गया तो निवेशकों को वहां से डरा धमकाकर भगा दिया गया व निवेशकों के पैसे भी नहीं लौटाये गये । ईएमएस/ धर्मेन्द्र राघव/ 28 जनवरी 2026