मुंबई (ईएमएस)। नेशनल अवॉर्ड विनर प्रकाश राज एक बार फिर से अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। उनका मानना है कि मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा अपनी जड़ों से दूर हो गया है, और ज्यादा से ज्यादा नकली और पैसे पर फोकस हो गया है। प्रकाश ने हिंदी सिनेमा की खुलकर आलोचना की। रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाश ने कहा, अभी के समय में, मुझे लगता है कि मलयालम और तमिल सिनेमा बहुत अच्छी फिल्में बना रहे हैं... दूसरी ओर, हिंदी सिनेमा अपनी जड़ों से भटक गया है। सब कुछ सुंदर, शानदार, प्लास्टिक जैसा दिखता है, जैसा कि आप मैडम तुसाद म्यूजियम में देखते हैं। हमारे (साउथ सिनेमा) पास अभी भी दिखाने के लिए कहानियां हैं; तमिल के नए युवा डायरेक्टर दलित मुद्दों पर बात कर रहे हैं और इससे बहुत उम्मीद मिलती है। इंडस्ट्री ने दर्शकों के साथ अपना कनेक्शन खो दिया है। प्रकाश राज ने आगे कहा, मल्टीप्लेक्स आने के बाद, बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ मल्टीप्लेक्स के लिए फिल्में बनाने लगी, क्योंकि वे अच्छा चल रही थीं। वे उस पेज 3 कल्चर में चले गए, और इसके साथ ही ग्रामीण राजस्थान और बिहार से उनका कनेक्शन खत्म हो गया... आज, सब कुछ पैसे और दिखावे के बारे में है -- रील्स, पेज 3 कवरेज, और जोरदार सेल्फ-प्रमोशन। मुझे लगता है कि इस चक्कर में इंडस्ट्री ने दर्शकों के साथ अपना कनेक्शन खो दिया है। बता दें कि प्रकाश राज आखिरी बार हिंदी फिल्म तेरे इश्क में में दिखे थे। इस मूवी में उनके साथ धनुष और कृति सेनन लीड रोल में थे। इस मूवी में उन्होंने धनुष के पिता का किरदार निभाया था। प्रकाश राज अब जल्द ही पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा जना नायकन में नजर आएंगे। यह एक्टर के तौर पर विजय की आखिरी फिल्म होगी। प्रकाश राज हिंदी के अलावा कन्नड़, तमिल, मलयालम, इंग्लिश और मराठी फिल्मों के लिए काम करते हैं। वो 5 बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में 400 से ज्यादा फिल्में की हैं। एक्टर प्रकाश राज ने साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का दम दिखाया। प्रकाश अपनी शानदार फिल्मों जैसे सिंघम, दबंग 2 और वांटेड के लिए जाने जाते हैं। प्रकाश अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। सुदामा/ईएमएस 29 जनवरी 2026