क्षेत्रीय
29-Jan-2026


छिंदवाड़ा (ईएमएस)। दहेज प्रताड़ना के एक मामले में अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश सौंसर के न्यायालय ने आरोपी रामचरण पिता ढोमाजी घाघरे और उसके पुत्र लवकुश घाघरे पिता रामचरण घाघरे को १० साल के सरम कारावास और एक-एक हजार रूपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से संदीप मेश्राम अपर लोक अभियोजक ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि यहां रहने वाली मीना उर्फ ज्योति का विवाह सामरबोह निवासी लवकुश घाघरे के साथ २२ अपै्रल २०१५ को रीति रिवाज से संपन्न हुआ था। शादी के एक वर्ष बाद ही पति लवकुश और ससुर रामचरण आये दिन तेरे मां-बाप ने दहेज में कुछ नहीं दिया कहकर दहेज में एक लाख रूपए और मोटरसाइकिल की मांग कर मारपीट कर शारीरिक एंव मानसिक रूप से प्रताडित करते थे लगातार प्रताडना से तंग आकर मृतिका मीना उर्फ ज्योति ने ३ मार्च २०२० की रात घर के सामने कुंए में कूद कर जान दे दी थी। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने का मामला पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सशक्त पैरवी की गई, अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय द्वारा दोनो आरोपियों पर दोषसिद्ध पाते हुए उन्हें उक्त सजा और जुर्माने से दंण्डित किया। ईएमएस/मोहने/ 29 जनवरी 2026