-यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विपक्ष एक राय नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। गुरुवार को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेग्युलेशंस 2026 के प्रावधान प्रथम दृष्टया अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी से 19 मार्च तक जवाब मांगा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सत्ताधारी बीजेपी ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे संविधान, सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों की रक्षा से जुड़ा अहम कदम बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और ईडब्ल्यूएस आरक्षण इसका उदाहरण है। वहीं निशिकांत दुबे ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा तक नहीं की गई और सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो संविधान के अनुरूप है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकार कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन करेगी। बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्र और नेता बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि नए नियमों से सामाजिक टकराव की आशंका थी, जिसे कोर्ट ने समय रहते रोक लगा दी है। वहीं, विपक्षी दलों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। अखिलेश ने कहा कि सच्चा न्याय वही है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो और कानून की भाषा व नीयत दोनों साफ हों। मायावती ने कहा कि नए नियमों से सामाजिक तनाव पैदा हो रहा था, इसलिए कोर्ट का फैसला सही है। इसके उलट कांग्रेस और आरजेडी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जाति और धर्म के नाम पर विवाद खड़ा कर रही है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने इसे ‘यथास्थिति बनाए रखने’ की कोशिश बताया। इस बीच कुमार विश्वास ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश इस समय किसी भी तरह के बंटवारे को सहन नहीं कर सकता और सरकार को समाधान की दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। सिराज/ईएमएस 30जनवरी26