कहा-काश! मेरे समय में ऐसा एआई ट्यूटर होता, भारत में परीक्षा कठिन तपस्या जैसी नई दिल्ली,(ईएमएस)। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी का बॉस जेईई मेन परीक्षा की तैयारी को लेकर भावुक है। जी हां, हम बात कर रहे हैं आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र रहे सुंदर पिचाई की, जो कि अब गूगल के सीईओ हैं। सुंदर पिचाई ने जेमिनी एआई के लिए मुफ्त जेईई मेन मॉक टेस्ट फीचर लॉन्च करते हुए अपने संघर्ष के दिन याद किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बाबत एक पोस्ट शेयर कर नए फीचर की जानकारी दी। गूगल जेमिनी की जेईई मेन से जुड़ी पहल केवल नया फीचर नहीं, बल्कि उन लाखों मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए उम्मीद है, जो महंगी कोचिंग और टेस्ट सीरीज का खर्च नहीं उठा सकते। जेमिनी पर्सनल ट्यूटर की तरह टेस्ट पेपर देगा और गलतियां सुधारने के लिए एआई-बेस्ड सुझाव भी प्रदान करेगा। इससे साबित होता है कि गूगल एआई अब सिलिकॉन वैली से निकलकर भारत के उन छोटे कमरों तक पहुंचना चाहता है, जहां स्टूडेंट्स रोशनी की एक किरण और थोड़े से गाइडेंस की तलाश में दिन-रात एक कर रहे हैं। आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र सुंदर पिचाई ने जब जेमिनी का नया फीचर लॉन्च किया तो वे काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि कैसे भारत में किसी छात्र के लिए जेईई की तैयारी केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि कठिन तपस्या जैसी होती है। उन्होंने लिखा- काश! मेरे समय में ऐसा एआई ट्यूटर होता। पिचाई का मानना है कि जेमिनी जैसे एआई टूल शिक्षा के लोकतंत्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल अमीरों तक सीमित नहीं रहेगी। सिराज/ईएमएस 30जनवरी26