वाराणसी (ईएमएस)। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ रूप ज्योति चौधुरी के नेतृत्व में वाराणसी मंडल पर सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (Cervical Cancer Awareness Month) के अंतर्गत मंडल चिकित्सालय,लहरतारा में सर्वाइकल कैंसर जाँच एवं रोकथाम शिविर एवं जागरूकता (Cervical Cancer Awareness ) सेमिनार का आयोजन किया गया । मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वानी जैन ने फीता काटकर किया । सर्वाइकल कैंसर जाँच एवं रोकथाम शिविर में महिला चिकित्सकों द्वारा कुल 37 महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जाँच की जिनमें 31 (लिक्विड-बेस्ड साइटोलॉजी) LBC,15 HPVDNA(ह्यूमन पैपिलोमावायरस डीएनए परीक्षण) एवं 01 महिला की पैप स्मीयर (Pap Smear) जाँच की गई । इस अवसर पर मंडल चिकित्सालय के सभागार कक्ष में आयोजित सेमिनार में मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वानी जैन ने अपने संबोधन में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करते हुए सर्वाइकल कैंसर की जाँच कराने हेतु हुए प्रोत्साहित किया तथा निर्भीक होकर आगे आने का सन्देश दिया । सर्वाइकल कैंसर जन जागरूकता सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मंडल चिकित्सा अधिकारी डा ममता सिंह ने उपस्थित महिलाओं एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ को सर्वाइकल कैंसर के विषय में विस्तार से बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी (HPV) वायरस से होता है, लेकिन यह पूरी तरह से रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है। 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए एचपीवी टीका (Vaccine) और 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित पैप स्मीयर (Pap Smear) और एचपीवी परीक्षण इसे शुरुआती चरण में पहचान कर रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग: 21-25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट (प्रत्येक 3-5 साल में) कराना चाहिए। असामान्य योनि रक्तस्राव (जैसे मासिक धर्म के बीच, संभोग के बाद या रजोनिवृत्ति के बाद), पेल्विक दर्द या संभोग के दौरान दर्द गर्भाशयग्रीवा कैंसर के संभावित लक्षण है जिनके मिलने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए । स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं धूम्रपान न करें और स्वस्थ आहार लें। सुरक्षित यौन संबंध से एचपीवी के संचरण का जोखिम कम किया जा सकता है। समय पर पता चलने पर सर्वाइकल कैंसर का इलाज संभव है, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर.जे.चौधुरी ने बताया की जनवरी को प्रतिवर्ष सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (Cervical Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस रोके जा सकने वाले कैंसर के बारे में शिक्षा, एचपीवी टीकाकरण, और नियमित स्क्रीनिंग (पैप स्मीयर) को बढ़ावा देना है। सेमिनार में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर.आर.सिंह ने बताया की गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, लेकिन समय पर जांच से यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। इस सेमिनार में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा कल्पना दूबे , अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर.आर.सिंह अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा नीरज, एवं मंडल चिकित्सा अधिकारी डा ममता सिंह द्वारा सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित करते हुए बताया कि सर्वाइकल कैंसर को टीकाकरण और शीघ्र जांच के माध्यम से समाप्त करना है। इसके उपरान्त मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वानी जैन ने मंडल चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को मिलने वाली सुख-सुविधाओं का संज्ञान लिया और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए ताजे फलों का वितरण किया साथ ही मैटरनिटी वार्ड में नवजात बच्चों को बेबी किट भी भेट किया । इस अवसर पर मंडल महिला कल्याण संगठन की सचिव श्रीमती जाग्रति सिंह,कोषाध्यक्ष श्रीमती मधुलिका सिंह,श्रीमती मौसमी चौधुरी,श्रीमती शालिनी पाल,श्रीमती गायत्री रामाकृष्णन,श्रमती नम्रता सिंह,श्रीमती शालिनी अवस्थी,श्रीमती राशिका सिंह,श्रीमती श्रीवल्ली,श्रीमती अपर्णा साहा आदि सदस्याएं उपस्थित थीं । डॉ नरसिंह राम/ईएमएस/30/01/2026