क्षेत्रीय
30-Jan-2026


हाथरस (ईएमएस)। प्रदेश में योगी सरकार लगातार ‘दबंग मुक्त उत्तर प्रदेश’ का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को खुली चुनौती देती नजर आ रही है। हाथरस के गढ़ी तमना से सामने आया मामला प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गढ़ी तमना निवासी बूली देवी पत्नी स्वर्गीय जमुना प्रसाद ने उप जिलाधिकारी सदर को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि वह अपने स्वामित्व की भूमि पर शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि से आवास का निर्माण करा रही हैं। आरोप है कि इसी गांव के कैलाश चंद्र व दरियाव सिंह पुत्रगण अयोध्या प्रसाद तथा उनके सहयोगी दबंग किस्म के लोग निर्माण कार्य में लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं। प्रार्थिया के अनुसार दबंग खुलेआम गाली-गलौज करते हैं, झगड़ा-फसाद करते हैं और धमकी देते हैं कि किसी भी सूरत में मकान नहीं बनने देंगे तथा जमीन पर कब्जा कर लेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी सदर ने थाना हाथरस गेट प्रभारी को मौके पर जाकर समाधान कराने के निर्देश भी दिए, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विधवा महिला का कहना है कि धनबल और दबंगई के आगे पुलिस भी मौन साधे हुए है। सवाल यह उठता है कि जब एक विधवा महिला, जिसे सरकार की ओर से आवास योजना का लाभ मिला है, अपनी ही जमीन पर सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता के लिए कानून का डर आखिर कहां है? क्या दबंगों का संरक्षण स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक इच्छाशक्ति को कमजोर कर रहा है? पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक अपनी पीड़ा पहुंचाएगी। यह मामला न केवल महिला सुरक्षा बल्कि योगी सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों की भी कड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।यह न केवल प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जमीन पर आज भी दबंगों की चल रही है और कमजोर वर्ग न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ईएमएस / 30/01/2026