:: न्यायमूर्तिगण और अधिवक्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, दो मिनट का मौन रखकर किया याद :: इन्दौर (ईएमएस)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि और शहीद दिवस के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। न्यायालय परिसर में आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में न्यायिक जगत से जुड़ी हस्तियों ने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्रभक्ति को याद कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह का शुभारंभ उच्च न्यायालय खंडपीठ के प्रथम तल पर स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला सहित न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर, न्यायमूर्ति विशाल धगट, न्यायमूर्ति संजीव एस कालगांवकर, न्यायमूर्ति बी के द्विवेदी, न्यायमूर्ति गजेन्द्र सिंह, न्यायमूर्ति पवन द्विवेदी और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने बापू की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वाधीनता सेनानियों के त्याग और साहस की बदौलत ही आज हम स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक हैं। प्रातः ठीक 11 बजे जैसे ही सायरन की आवाज गूंजी, संपूर्ण उच्च न्यायालय परिसर में कार्य थप हो गया और सन्नाटा पसर गया। अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर मौजूद न्यायमूर्तिगण, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रीतेश ईनाणी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार अनूप कुमार त्रिपाठी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी नीरज मालवीय सहित समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन धारण किया। यह मौन राष्ट्र की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक था। इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने राष्ट्र की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर रहा और न्यायिक अधिकारियों ने शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने पर जोर दिया। प्रकाश/30 जनवरी 2026