:: कलेक्टर शिवम वर्मा ने ली राजस्व अधिकारियों की मैराथन बैठक; भू-राजस्व वसूली और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के निर्देश :: इन्दौर (ईएमएस)। जिले में राजस्व प्रकरणों के लंबित होने और भू-राजस्व वसूली की धीमी गति पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य और निशा डामोर सहित जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे। :: नामांतरण और बंटवारे की फाइलें लटकाने पर जताई नाराजगी :: बैठक के दौरान कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की अधिकारीवार समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना की प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आम जनता को तहसील कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शून्य किया जाए। :: भू-राजस्व वसूली और अवैध कब्जों पर होगा प्रहार :: राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने भू-राजस्व वसूली के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों और बिना अनुमति अवैध कॉलोनी निर्माण करने वाले भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाने को कहा गया है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए निरंतर अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। प्रकाश/30 जनवरी 2026