राष्ट्रीय
01-Feb-2026


-हाईकमान से आज हो सकती है अहम बैठक इंफाल,(ईएमएस)। मणिपुर में एक बार फिर सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के 20 से अधिक भाजपा विधायक रविवार को पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष अधिराजमायुम शारदा देवी के साथ इंफाल से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये सभी विधायक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले सरकार गठन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इंफाल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिराजमायुम शारदा देवी ने कहा कि एनडीए के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में एक “लोकप्रिय और स्थिर सरकार” का गठन होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने भी दिल्ली बैठक को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस बार सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के विधायकों को बुलाया गया है, जिससे किसी ठोस नतीजे की उम्मीद की जा सकती है। बिरेन सिंह ने यह भी याद दिलाया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है। इस दौरान लमसांग विधानसभा क्षेत्र के विधायक एस. राजेन सिंह ने कहा कि राज्य में सरकार बनने की संभावना है, हालांकि मुख्यमंत्री का फैसला पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने बताया कि बैठक संभवतः सोमवार शाम को होगी और राज्य की जमीनी स्थिति का आकलन करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं विधायक एच. डिंगो ने भी पुष्टि की कि बैठक सोमवार शाम को प्रस्तावित है, हालांकि एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। कुछ विधायकों को कोई जानकारी नहीं कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि उन्हें बैठक के उद्देश्य की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। खुराई विधानसभा क्षेत्र के विधायक एल. सुसिंद्रो ने बताया कि उन्हें दिल्ली बैठक के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, हालांकि अन्य भाजपा और एनडीए विधायक भी शाम तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है। एनडीए की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष लोरहो एस. फोजे ने कहा कि वह भी दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन सरकार गठन को लेकर फिलहाल कुछ भी निश्चित नहीं है। वहीं एनपीपी के नागा विधायक जे. पामेई ने भी बैठक में बुलाए जाने की पुष्टि करते हुए सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई। गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं। फरवरी 2024 में एन. बिरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए के सहयोगी दलों के पास भी पर्याप्त संख्या है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली यह बैठक मणिपुर की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है। हिदायत/ईएमएस 01फरवरी26