लेख
02-Feb-2026
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काले कारनामों पर पोती काली स्याही इन दिनों दुनिया में एपस्टीन फाइल की बड़ी चर्चा है। दुनिया के देशों के राजनेता, बड़े-बड़े अधिकारी,कॉरपोरेट जगत के लोगों को प्रभावित करने के लिए खूबसूरत एवं नाबालिग लड़के-लड़कियों का उपयोग सेक्सकर्मी के रूप में किया गया। इन्हें किस तरह से यौन अपराधियों और उनके दलालों द्वारा शिकंजे में लिया जाता था, इसके बाद दुनिया भर की राजसत्ता में बैठे लोगों के पद और प्रतिष्ठा का उपयोग किया गया। एपस्टीन दुनियाभर के राजनेताओं और कॉरपोरेट जगत को ब्लैकमेल करके दुनिया का पावरफुल आदमी बन गया था। अब एपस्टीन इस दुनिया में नहीं रहा। उसकी फाइल में दर्ज काले कारनामों के खुलासे हो रहे हैं। उससे सारी दुनिया के कई देशों के रास्ट्राध्यक्षों और कारपोरेट जगत का वह काला चेहरा आज सारी दुनिया को देखने को मिल रहा है। इस काले कारनामें में एपस्टीन जो यौन शोषण का सबसे बड़ा अपराधी था, जिसने छोटे-छोटे से बच्चों को अपने धंधे के लिए इस्तेमाल किया। दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं कॉरपोरेट और बड़े-बड़े अधिकारियों को अपने द्वीप में ले जाकर उनको ऐश कराया। इस तरह की ऐश बड़े-बड़े धन्नासेठों को और कहीं उपलब्ध नहीं हो सकती थी। जिसके कारण एपस्टीन बहुत कम समय में दुनिया के कई देशों की सत्ता का सबसे बड़ा दलाल बन गया। इसमें कई देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ब्रिटेन के राजकुमार, ख़रबपति और वैश्विक धन्नासेठ जिसमें फिल्मी जगत के अभिनेता और अभिनेत्री भी शामिल थे। विभिन्न देशों के उद्योग, सत्ता, खेल और व्यापार जगत में इस दलाल की तूती बोलती रही। वासना के इस खेल में शामिल होने के बाद एपस्टीन के इसारे पर सारी दुनिया नाच रही थी। अमेरिका के न्याय विभाग ने इसका खुलासा किया है। इसके कंप्यूटर से 35 लाख से अधिक पेज, हजारों फोटो और हजारों वीडियो इस सच्चाई को बता रहे हैं। जेफरी एपस्टिन और उसके सहयोगी गिस्लैन मैक्सवेल के सेक्स रैकेट नेटवर्क में शामिल थे। इन दस्तावेजों में इलेक्ट्रॉनिक संदेश, हवाई जहाज की यात्राओं का रिकॉर्ड बैंक के माध्यम से हुए, सभी लेन-देन का रिकॉर्ड शामिल किया गया है। इसमें अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कई बार नाम सामने आया है। इसी तरह से भारत के भी आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के नाम इस फाइल में दर्ज हैं। यह सारे दस्तावेज अब सार्वजनिक कर दिए गए हैं। आश्चर्य की बात यह है, कुछ ऐसे पेज हैं, जिनमें ट्रंप और कई महत्वपूर्ण नेताओं और अधिकारियों से जुड़ी हुई जानकारी थी। गवाही के जो दस्तावेज थे, उनमें से कई पेजों पर स्याही पोतकर उसकी जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंचे इसके प्रयास हुए हैं। अमेरिका के न्याय विभाग में जिन यौन पीड़िताओं ने गवाही दी थी, उनमें स्याही पोतने का मामला सामने आया है। इस जानकारी में काली स्याही पोत देने के कारण लगभग दो दर्जन दलालों और सप्लायरों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिनके जरिए इस जांच को और इस अपराध में लिप्त लोगों को दंडित किया जा सकता था। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसदों ने न्यायिक विभाग पर आरोप लगाया है। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस की समय-सीमा पर इस जानकारी को उजागर नहीं किया। जो जानकारी उजागर की है, उसमें बहुत सारी जानकारी पर काली स्याही से छुपाने का प्रयास किया है। ताकि पावरफुल लोगों को बचाया जा सके। अमेरिकी मीडिया में इस बात की बहस शुरू हो गई है। न्याय विभाग से यह जानकारी मांगी जा रही है। यह जानकारी क्यों छुपाई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम जब बार-बार सामने आ रहा है, तब इसे एक साजिश बताकर खारिज करने का जो प्रयास किया जा रहा है, इसको लेकर अमेरिका में बड़ा विरोध शुरू हो गया है। एपस्टीन फाइल का खुलासा होने के पहले ही ब्रिटेन की प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर ने अपनी पदवी छोड़ दी है। प्रिंस को एक महिला भेजी गई थी। गवाही में यह बात सामने आई है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाईचक ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उनके ऊपर आरोप थे, जब वह विदेश मंत्री थे, तब महिलाओं से बात की, और उनके साथ संपर्क में आए हैं। अमेरिका के वाणिज्य विभाग के सचिव हार्वर्ड लुटनिक की जानकारी का भी खुलासा हुआ है। 2012 में वह अपने परिवार के साथ एपस्टीन के प्राइवेट आईलैंड में जाने का आरोप है। जैफरी एपस्टीन को 2008 में फ्लोरिडा में 14 साल की लड़की को सेक्स के लिए उकसाने के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उसे 2 साल की सजा हुई थी। उसके बाद से एपस्टीन ने अपने नेटवर्क को बड़ी तेजी के साथ बढ़ाया। अमेरिकी मीडिया का दावा है, इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट के रूप में एपस्टीन यह काम कर रहा था। इजराइल और अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया के विभिन्न देशों में एपस्टीन का उपयोग कर रहे थे। इसके माध्यम से दुनिया के व्यापार और सत्ता को नियंत्रित करने का काम इजराइल और अमेरिका कर रहे थे। अमेरिका और इजराइल के इशारे पर भारत पश्चिम एशिया के देश ईरान, सऊदी अरब, मालदीव एवं दुनिया के महत्वपूर्ण देशों में एपस्टीन का जाल फैला हुआ था। जो जासूसी के साथ-साथ वैश्विक व्यापार और राजसत्ता को अप्रत्यक्ष रूप से संचालित करने का काम होता था। जासूसी के नेटवर्क में राजा महाराजाओं के राज में विषकन्याओं का जिस तरह से उपयोग किया जाता था, आधुनिक युग में वही काम एपस्टीन कर रहे थे। यौन तस्करी के माध्यम से अपने द्वीप में दुनियाभर की खूबसूरती और सेक्स के विभिन्न आयाम को लेकर जिस तरह से दुनिया के सभी देशों के पूंजीपतियों, राजनेताओं, और दुनिया के बड़े-बड़े लोगों को अपने जाल में फंसाकर अमेरिका और इजराइल के लिए काम किया, सत्ता की दलाली करके अरबों - खरबों रुपए की कमाई करने का नया मॉडल जैफरी एपस्टीन ने तैयार किया था। उसका अंत उसकी आत्महत्या के साथ हुआ है। जब उस पर भगवान की मार पड़ी, तब अमेरिका की जेल में वह आत्महत्या करने को विवश हुआ। उसकी मौत के बाद जो भी लोग इस अपराध में लिप्त थे, जिन लोगों ने छोटे-छोटे बच्चों का यौन शोषण किया, अब उन्हें सजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। कहते हैं, जो बोते हैं, उसकी ही फसल होती है। उसी फसल को काटना पड़ता है। दुनियाभर के धन्नासेठों ने पिछले 15 वर्षों में जो बोया था. अब उसकी फसल लहलहाने लगी है। अपराधों की सजा किस रूप में हो, कैसे मिलेगी.यह आने वाला समय तय करेगा। एसजे/ 2 फरवरी /2026