केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मल सीता रमणजी ने संसद में बजट 2026 अपने कार्यकाल में लगातार 9वां भाषण पढ़ते हुए *क* शब्दों की कशीदाकारी करते हुए बजट को कुशलतापूर्वक प्रस्तुत किया है बड़े शहरों के बीच पर्यावरण-अनुकूल और तेज़ यात्री परिवहन के लिए नए हाईस्पीड रेल *कॉरिडोर* मुंबई–पुणे,पुणे–हैदराबाद,चेन्नईबेंगलुर,हैदराबाद-चेन्नई हैदराबाद बेंगलुरु दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी के साथ कैपेक्स* में रिकॉर्ड बढ़ोतरी उम्मीद के साथ 2026-27 में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को गति मिलेगी। *क्लाउड* विदेशी सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे,के साथ *कर विवादों में राहत* दंड व अभियोजन प्रक्रियाओं का सरलीकरण, कम प्री-डिपॉज़िट और मुकदमेबाज़ी घटाने के उपाय, कृत्रिम अंग निर्माण* प्रोत्साहन योजना ,*क्रेडिट सब्सिडी* डेयरी-पोल्ट्री वैल्यू चैन कॉरिडोर* (इंडस्ट्रियल) के पास 5 यूनिवर्सिटी कैंपस के साथ *कल्चर* टूरिज्म कल्चरल टूरिज्म सम्वर्द्धन हेतु नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना मील का पत्थर सिद्ध होगा। हेल्थकेयर क्षेत्र में भी *क* 1.5 लाख *केयरगिवर्स* को ट्रेनिंग, *कनेक्टिविटी* जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने हेतु सी-प्लेन निर्माण को बढ़ावा, म्युनिसिपल बॉन्ड से इंफ्रा फंडिंग, सरकार इंडिया सेमी- *कंडक्टर* मिशन 2.0 लॉन्च एवं *कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इलेक्ट्रॉनिक् के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया जाना इस बजट के सराहनीय क शब्दों नवाचारो* की पूरी श्रृंखला प्रस्तुत करते हैं अनेक विशेषज्ञों के साथ यह तथ्य स्वीकारना होगा कि तीन कर्तव्यों पर आधारित बजट आर्थिक वृद्धि तेज़ करना, लोगों की क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास के विज़न को मज़बूती देने के साथ, आज भले ही अति लोकलुभावन परिलक्षित नहीं होता है परंतु *काजू, नारियल, कोको, कपड़े, कैंसर की 17 दवाएं* जैसे उत्पादों का सस्ता होना सामाजिक सरोकारों संवेदनाओ का स्पष्ट प्रमाणिकरण है *कल्चरल डेस्टिनेशन* संवर्धन मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों जैसे खजुराहो और भेड़ाघाट को वाइब्रेंट कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को मिलने वाले 1.4 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय अनुदान से मध्य प्रदेश को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक राशि प्राप्त होगी। साथ ही, 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय और छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड से यह उम्मीद की जा सकती है कि राज्य के औद्योगिक गलियारों सड़को की सूरत बदल जाएगी।5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए 11.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करेंगे। इनमें टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमपी के भोपाल, इंदौर को फायदा मिलेगा। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे जिले भी विकसित होंगे। एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और *कॉमिक* सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में *कंटेंट क्रिएटर* लैब्स स्थापित किए जाने की घोषणा की। इस प्रकार 2018 में शुरू की गई किसानों को 6,000 रुपये देने वाली किसान सम्मान निधि योजना में शीघ्र संशोधन की आवश्यकता है पीएफ, ईएसआई और बोनस की सीमा बढ़ाके सामाजिक सुरक्षा के दायरे में वृद्धि औरआंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील जैसे योजना कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की संभावना अभी भी संशोधित प्रस्तावों में सम्मिलित होने से एक बड़े वर्ग को अभी भी बड़ी राहत की उम्मीद है। वर्ष 2026-27 के संदर्भ में, गैर-ऋण प्राप्तियां और व्यय क्रमशः ₹36.5 लाख करोड़ और ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित हैं। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां ₹28.7 लाख करोड़ अनुमानित हैं। इस प्रकार सारांश में *क शब्दों से सराबोर* इन विशेष शब्दों को रेखांकित करते हुए कपड़ा निर्यात+कैपिटल+कल्चर+ कैंसर+क्रेडिट+किसान+ कोरिडोर्स+केपेक्स+कस्टम्स ड्यूटी+कामिक+क्रिएटिव कंटेंट कौशल विकास@ *केंद्रीय बजट* *2026* के रूप में कर्तव्य भवन में प्रथम बार तैयार किया जाने से भी सदैव याद किया जाएगा। (लेखक संपत्ति निदेशक एवं संकाय अध्यक्ष पंडित ज.ने. व्यव. प्रबंध संस्थान सम्राट विक्रमादित्य विवि उज्जैन) (यह लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है) .../ 2 फरवरी /2026