लग सकता है प्रतिबंध, प्रसारकों को नुकसान की भरपाई करनी होगी दुबई (ईएमएस)। पाकिस्तान सरकार और क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी अकड़ में भारत के खिलाफ टी20 विश्वकप मैच के बहिष्कार की घोषणा की है। ये घोषणा उसके पतन का कारण भी बन सकती हैं। इससे पहले से ही आर्थिक संकटों में फंसा पीसीबी और अधिक उसमें डूब सकता है। वहीं इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी उसके खिलाफ प्रतिबंध सहित कई और कठोर कदम उठा सकती है। आईसीसी ने पीसीबी के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि अगर वो टी20 वर्ल्ड कप में तय कार्यक्रम के मुताबिक नहीं खेला तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। अब देखना होगा कि आईसीसी उसके खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में आईसीसी पाक टीम को पूरे टूर्नामेंट के लिए प्रतिबंधित कर सकता है। वहीं पीसीबी को मिलने वाला राजस्व रोका जा सकता है। पीसीबी से प्रसारकों को राजस्व नुकसान की भरपाई करने को कहा जा सकता है। इसके अलावा द्विपक्षीय सीरीज पर रोक लगायी जा सकती है। विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) अंक और आईसीसी रैंकिंग भी घटाई जा सकती है। इसके अलावा पीएसएल में विदेशी खिलाड़ी के खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। पाकिस्तान के आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके अलावा उसे दी जाने वाली सहायता भी रोकी जा सकती है। भारत-पाक टी20 मैच के लिए विज्ञापन की दर 25 लाख से 40 लाख रुपये प्रति 10 सेकेंड के बीच होती है। इससे विज्ञापन राजस्व नुकसान 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है हो पीसीबी से भरने को कहा जाएगा। पाकिस्तान को सबसे अधिक राजस्व पीएसएल से मिलता पर आईसीसी उसमें विदेशी खिलाड़ियों के भाग लेने पर रोक लगा सकती है। गिरजा/ ईएमएस 02फरवरी 2026