अंतर्राष्ट्रीय
02-Feb-2026


ग्वादर में तैनात सभी चीनी ग्राउंड स्टाफ को स्पेशल फ्लाइट्स से निकाला इस्लामाबाद (ईएमएस)। पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान में करीब 20 ड्रोन हमले किए हैं। ये ड्रोन हमले नौशकी के किल्ली जमालदीनी में किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ड्रोन हमलों में कई महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई है। रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानी सेना रात से ही बौखलाकर ड्रोन हमले कर रही है। ये हमले आम लोगों को घरों पर किए हैं। पाकिस्तान सेना ने ये हमले तब शुरू किए हैं, जब इस हफ्ते बलूच लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान में कम से कम 12 शहरों पर एक साथ हमले किए थे। जिसमें 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया गया है। जिसके बाद बीती रात से नोशकी के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए हैं। दूसरी ओर से ग्वादर पोर्ट के आसपास बलूच लिबरेशन आर्मी के भीषण हमले से डरे चीन ने अपने काम बंद किए हैं। चीन ने ग्वादर में अपने सभी जमीनी ऑपरेशन रोक दिए हैं और अपने सभी कर्मचारियों को वापस बुलाया है। ये पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि चीन ने बलूचिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है। जिसका बलूच विद्रोही विरोध करते हैं। बलूचों का ये हमला पिछले कई दशकों में सबसे खतरनाक और तबाही मचाने वाला हमला था। रिपोर्ट में टॉप अधिकारी और डिप्लोमेटिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि चीन ने अपने सभी कर्मचारियों को बलूचिस्तान से बुला लिया है। इस घटना की जानकारी रखने वाले सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया हैं कि ग्वादर में तैनात सभी चीनी ग्राउंड स्टाफ को स्पेशल फ्लाइट्स से निकाला गया है, जिससे इस क्षेत्र में चीन के नेतृत्व वाली ऑन-साइट गतिविधि पूरी तरह से रुक गई है। हालांकि चीन ने पहले ही अपनी मौजूदगी कम करके कुछ इंजीनियरों और टेक्नीशियन तक सीमित कर दी थी, लेकिन उसने अब सभी तरह के ग्राउंड ऑपरेशन बंद कर दिए हैं। शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया हैं कि फिलहाल, चीन के नागरिक ग्वादर में मौजूद नहीं रहने वाले और सभी प्रोजेक्ट को फिलहाल रोक दिया गया है। इस्लामाबाद में चीनी दूतावास के एक सीनियर सोर्स के हवाले से बताया गया हैं कि यह एक एहतियाती और अस्थायी कदम है। बलूचिस्तान, खासकर ग्वादर में पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। हालांकि चीनी कर्मचारियों के हटने के बावजूद, पाकिस्तानी सपोर्ट स्टाफ चीनी फंड वाले प्रोजेक्ट्स से जुड़े जमीनी स्तर के काम जारी रखेगा। जबकि चीन की टीमें दूर से स्थिति पर नजर रखेगी। रिपोर्ट है कि बलूच लिबरेशन आर्मी के फ्रीडम फाइटर्स ने ग्वादर और बलूचिस्तान के दूसरे हिस्सों में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था। ये हमले काफी ज्यादा समन्वित थे, जिससे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तहत विकास परियोजनाओं में शामिल विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। आशीष दुबे / 02 फरवरी 2026