राज्य
02-Feb-2026
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल लगातार चिकित्सा सेवाओं में उन्नत तकनीकों को अपनाते हुए मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में एम्स भोपाल के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने मध्यप्रदेश में पहली बार दो जटिल और उन्नत फेफड़ा उपचार सफलतापूर्वक किए हैं। इन प्रक्रियाओं को पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉ. अभिनव चौबे (असिस्टेंट प्रोफेसर) और डॉ. अल्केश खुराना (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष) द्वारा संपन्न किया गया। पहले मामले में एक मरीज दुर्लभ फेफड़ा रोग से पीड़ित था, जिसमें फेफड़ों की वायु थैलियों में गाढ़ा पदार्थ भर जाने के कारण सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी। चिकित्सकों ने होल लंग लैवेज नामक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से फेफड़ों की सावधानीपूर्वक सफाई की। उपचार के बाद मरीज की सांस लेने की क्षमता और ऑक्सीजन स्तर में स्पष्ट सुधार देखा गया। इस प्रक्रिया में एनेस्थीसिया और सीटीवीएस विभाग की टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। एक अन्य गंभीर मामले में, कैंसर के एक मरीज के मुख्य वायुमार्ग में पूर्ण अवरोध था, जिससे एक फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों की टीम ने ब्रोंकोस्कोपिक डिबल्किंग द्वारा ट्यूमर को हटाया और इसके बाद श्वसन मार्ग को खोलने के लिए वाई-आकार का विशेष मेटल स्टेंट डाला। इस उपचार से मरीज को सांस लेने में राहत मिली और फेफड़ा दोबारा काम करने लगा। इन उपलब्धियों के साथ, एम्स भोपाल ने मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए फेफड़ों की उन्नत देखभाल को सुलभ बना दिया है, जिससे अब उन्हें विशेष उपचार के लिए अन्य प्रदेशों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। हरि प्रसाद पाल / 02 फरवरी, 2026