राज्य
02-Feb-2026
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:: सांवेर रोड और कुमेडी क्षेत्र की इकाइयों में हड़कंप; नियमों के उल्लंघन पर निगम की सख्त कार्रवाई :: इंदौर (ईएमएस)। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नगर निगम ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को सांवेर रोड और कुमेडी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में अपशिष्ट जल निस्तारण की आकस्मिक जांच की गई। इस दौरान नियमों का खुला उल्लंघन कर रासायनिक और प्रदूषित पानी सीधे सार्वजनिक नालों व सीवरेज लाइनों में बहाने वाली दो बड़ी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया। निगम की इस औचक कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण दल ने पाया कि संबंधित फैक्ट्रियां बिना शोधन (ट्रीटमेंट) के ही खतरनाक केमिकल युक्त पानी सीधे सार्वजनिक निकासी तंत्र में छोड़ रही थीं। निगम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलर केम कंपनी पर एक लाख रुपये और कुमेडी क्षेत्र स्थित डिलाइट इनोवेशन फैक्ट्री पर 20 हजार रुपये का स्पॉट फाइन लगाया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन इकाइयों को पूर्व में भी पर्यावरण मानकों के पालन हेतु चेतावनी दी गई थी, किंतु सुधार न होने पर यह दंडात्मक कदम उठाया गया है। :: भविष्य में फैक्ट्री सील करने की चेतावनी :: निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आयुक्त ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि जो उद्योग पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर शहर की जल निकासी व्यवस्था को दूषित कर रहे हैं, उनके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। निगम ने अंतिम चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में मानकों के उल्लंघन की पुनरावृत्ति पाई गई, तो संबंधित औद्योगिक इकाइयों को सील करने और उनके व्यावसायिक लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकाश/02 फरवरी 2026