नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कोलकाता ऑफिस पर डाली गई रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब 10 फरवरी को सुनवाई होगी। यह रेड कोयला तस्करी घोटाले की जांच में 8 जनवरी को की गई थी। ईडी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। आरोप है कि रेड के दौरान सीएम ममता मौके पर बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं। 14 जनवरी को हुई सुनवाई में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि ममता सरकार ईडी के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी करके 2 हफ्तों में जवाब मांगा था। 2 फरवरी को राज्य सरकार ने नोटिस के जवाब में कहा कि एजेंसी की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। इस तरह का मामला पहले से कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए दो संवैधानिक अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं हो सकती। इसके जबाव में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला, तब अराजकता फैल सकती है। अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं, तब क्या उन्हें राजनीति करके रोका जा सकता है? राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा कि ईडी को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करने का मौलिक अधिकार नहीं है। आरोप लगाया कि ईडी ने तलाशी और जब्ती की है जो उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। ऐसा करना गोपनीय संवाद का उल्लंघन है। दरअसल ईडी ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (आई-पैक) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान सीएम ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं। आशीष दुबे / 03 फरवरी 2026