सदन में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों का मुद्दा गरमाया जयपुर,(ईएमएस)। राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को भजनलाल शर्मा सरकार ने जनहित में एक बड़ी घोषणा की, वहीं कफ सीरप से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बाड़ी (धौलपुर) से भाजपा विधायक जसवंत गुर्जर के सवाल का जवाब देकर वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि भजनलाल सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष में होने वाली जनहानि के प्रति गंभीर है। मंत्री ने घोषणा की कि वन्यजीवों के हमले में मौत होने पर दी जाने वाली सहायता राशि को 5 से बढ़ाकर 10 लाख किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वृद्धि के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है और जल्द ही लागू किया जाएगा। इस दौरान विधायक जसवंत गुर्जर द्वारा महाकवि गोपालदास नीरज के गीत का उल्लेख करने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें टोकते हुए विषय पर केंद्रित रहने के निर्देश दिए। राजस्थान के सदन में कफ सीरप से हुई बच्चों की मौतों का मुद्दा गरमाया रहा। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की घेराबंदी कर भजनलाल सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। इस पर मंत्री खींवसर ने स्पष्ट कहा कि जिन बच्चों की मृत्यु हुई, उन्हें दवा डॉक्टरों की सलाह पर नहीं दी गई थी। माता-पिता ने बाजार से दवा लाकर बच्चों को दी, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। खींवसर ने कहा, कफ सीरप में कोडीन जैसे केमिकल होते हैं। मौतों का कारण दवा की खराबी नहीं बल्कि उसका ओवरडोज था। उन्होंने जोड़ा कि ये दवाएं 2014 से (कांग्रेस शासन के समय से) ही प्रचलन में हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष जूली ने मंत्री के जवाब पर पलटवार कर कहा कि जब मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि मौतें हुई हैं, तब इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित दवा कंपनी कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड है और सरकार को इसकी गुणवत्ता की फिर से जांच करानी चाहिए। कांग्रेस ने राज्य की निशुल्क दवा योजना पर भी सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप था कि अस्पतालों में ओपीडी की संख्या बढ़ने के बावजूद सरकार द्वारा दवाइयों पर किया जाने वाला खर्च कम हो रहा है, जो योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। आशीष दुबे / 03 फरवरी 2026