क्षेत्रीय
03-Feb-2026
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* आयुक्त एवं डीएम ने अपने-अपने कार्यालय कक्ष में की सुनवाई मुजफ्फरपुर, (ईएमएस)। सरकार द्वारा प्रदत्त दिशा-निर्देश के आलोक में जिले भर में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन कर आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई की गई तथा उनके नियमानुसार समाधान का प्रयास किया गया। इस क्रम में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह एवं जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्वयं अपने-अपने कार्यालय कक्ष में जनसमस्याओं की सुनवाई कर संबंधित मामलों का त्वरित निवारण किया। जनसंवाद कार्यक्रम के तहत प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा कुल नौ मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं शामिल थीं। वहीं जिला पदाधिकारी द्वारा 42 मामलों की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई कर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष मामलों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसंवाद के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्रशासन द्वारा प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिले के साथ-साथ अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर भी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा भी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में जनता की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित किये। कई मामलों में लोगों को त्वरित राहत मिली, जिससे आमजन में संतोष का माहौल देखा गया। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान सीधे संवाद के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि आम नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल समस्याओं का समयबद्ध निवारण किया जाएगा, बल्कि फरियादियों को भी कृत कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसंवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनहित से जुड़े मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित समाधान हो। जिला पदाधिकारी ने भी जनसंवाद को प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी है और उनकी समस्याओं का समाधान करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसंवाद में प्राप्त शिकायतों का निष्पादन गंभीरता से किया जाए। कुल मिलाकर, जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से जिले में सुशासन की दिशा में एक सार्थक पहल देखने को मिली। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सकारात्मक संदेश गया है और यह उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाएगा। संतोष झा- ०३ फरवरी/२०२६/ईएमएस