क्षेत्रीय
04-Feb-2026
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कांकेर(ईएमएस) । पूर्व भानुप्रतापपुर वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र दुर्गूकोंदल में वनों को आग से बचाने और वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, अग्नि प्रहरी, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों, ग्रामीणजनों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद सदस्य एवं वन सभापति धनसाय हुरा ने कहा कि जंगल हमारी जीवन रेखा हैं और इन्हें आग से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी छोटी लापरवाही को गंभीरता से लें और वनाग्नि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सिरो कोमरे ने कहा कि वनों की सुरक्षा से ही पर्यावरण संतुलन बना रहता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होता है। वहीं ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के सरपंच मुकेश कुमार गावड़े ने कहा कि वन और वन्य प्राणियों की रक्षा में ग्राम स्तर की भूमिका सबसे अहम है। कार्यशाला में उपवनमण्डलाधिकारी आई.पी. गेंद्रे एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जंगलों में लगने वाली आग से बहुमूल्य वन संपदा नष्ट होती है, वन्य प्राणियों का जीवन संकट में पड़ता है तथा इससे पर्यावरण असंतुलन, मृदा की उर्वरता में कमी और जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर साधुमिचगांव स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी वन संरक्षण का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि जंगल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी संपदा हैं, जिनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम में सिद्धार्थ भारती, एकता कर, अखंड प्रताप तिवारी, डोमार सिंह पटेल, श्रीकांत यदु, वनपाल हेमलता नरेटी, सतीश कुमार ठाकुर, संजय सेवता, सिताप सिंह नरेटी, लोकेश कुमार उइके सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे वनों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देकर वन विभाग को सहयोग करेंगे। सत्यप्रकाश(ईएमएस)04 फरवरी 2026