क्षेत्रीय
04-Feb-2026
...


- कुपोषण से मुक्ति की ओर एक सफल कदम मुरैना ( ईएमएस ) | उत्तमपुरा, मुरैना निवासी श्री बंटी एवं उनकी पत्नी श्रीमती सविता की मात्र 2 माह की पुत्री राजनंदनी गंभीर कुपोषण, कमजोरी एवं लगातार खांसी से पीड़ित थी। शिशु की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए परिजन उसे जिला चिकित्सालय, मुरैना लेकर आए, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एन.सी. गांगिल द्वारा परीक्षण उपरांत पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कर उपचार की सलाह दी गई। चिकित्सक की सलाह पर विश्वास करते हुए परिजनों ने शिशु राजनंदनी को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। 8 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक कुल 21 दिनों तक शिशु को एनआरसी में रखकर निरंतर चिकित्सीय निगरानी, आवश्यक दवाएं, निर्धारित पोषण आहार एवं स्वच्छ देखभाल प्रदान की गई। इस दौरान शिशु की माता को स्तनपान की सही विधि, शिशु पोषण, स्वच्छता तथा घरेलू देखभाल से संबंधित विस्तृत एवं व्यवहारिक परामर्श भी दिया गया, जिससे उपचार के साथ-साथ माता को भी शिशु देखभाल में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। एनआरसी में उपचार के दौरान शिशु राजनंदनी की स्थिति में निरंतर एवं संतोषजनक सुधार देखा गया। डिस्चार्ज के समय शिशु का वजन 2.170 किलोग्राम तथा जेड-स्कोर –3.5 एसडी दर्ज किया गया, जिसके आधार पर शिशु को क्योर घोषित किया गया। डिस्चार्ज के पश्चात् निर्धारित फॉलो-अप के दौरान भी शिशु की नियमित निगरानी की गई। प्रथम फॉलो-अप 13 नवम्बर को शिशु का वजन 2.280 किलोग्राम तथा द्वितीय फॉलो-अप 28 दिसम्बर 2025 को 2.990 किलोग्राम दर्ज किया गया। यह परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि एनआरसी में प्रदान किया गया उपचार, संतुलित पोषण आहार एवं मातृ परामर्श अत्यंत प्रभावी रहा। आज शिशु राजनंदनी स्वस्थ जीवन की ओर निरंतर अग्रसर है। यह सफलता चिकित्सक, एनआरसी स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ एवं परिजनों के आपसी समन्वय एवं संवेदनशील देखभाल का प्रतिफल है। पुत्री के स्वस्थ होने से माता-पिता के चेहरे पर अब सुकून और खुशी है। जिला अस्पताल, मुरैना स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में शिशु को उपचार अवधि के दौरान सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। साथ ही डिस्चार्ज के समय परिजनों को शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।