- शिक्षक-छात्रों में नाराजगी गरियाबंद(ईएमएस)। जिले के शिक्षा विभाग में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में निलंबित प्राचार्य श्रीमती वंदना पांडे की दोबारा उसी स्कूल में पदस्थापना कर दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी के इस आदेश के बाद शिक्षक और छात्र दोनों ही विरोध में सामने आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2025 को अनुशासनहीनता, शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट और व्यवस्थागत अव्यवस्थाओं के आरोपों के चलते वंदना पांडे को निलंबित किया गया था। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें फिर उसी विद्यालय में बहाल कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पहले उन्हें वृंदावन स्कूल भेजे जाने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम आदेश में बदलाव कर दिया गया। इस फैसले को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 10 अक्टूबर को जारी निर्देशों के विपरीत बताया जा रहा है। नियमों के अनुसार, निलंबन के बाद बहाल कर्मचारी को आमतौर पर शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय विद्यालय में पदस्थ किया जाना चाहिए, न कि उसी संस्था में जहां से निलंबन हुआ हो। बहाली के विरोध में विद्यालय के करीब 28 शिक्षकों ने सामूहिक हस्ताक्षर के साथ जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपा है। शिक्षकों का आरोप है कि निलंबन अवधि के दौरान भी उन्हें धमकियां दी जाती थीं और वे मानसिक दबाव में काम कर रहे थे। उनका कहना है कि पुनः उसी स्कूल में पदस्थापना होने से माहौल फिर तनावपूर्ण हो सकता है। इधर, 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भी प्राचार्य के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उनके अधीन पढ़ाई करने में असहजता व्यक्त की है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)05 फरवरी 2026