सुकमा (ईएमएस)। जिले के गोगुंडा के जंगल में बने कुख्यात नक्सली रमन्ना का स्मारक जवानों ने ध्वस्त कर दिया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के निर्देश पर नक्सल विराेधी अभियान के लिए गोगुंडा के जंगलााें की ओर रवाना हुए थे, सर्चिंग के दौरान जवानों को जंगल में एक नक्सली स्मारक नजर आया, जिस नक्सली स्मारक को ध्वस्त किया गया, वह किसी सामान्य व्यक्ति का नहीं था। यह स्मारक कुख्यात नक्सली रमन्ना का था, जिसका नाम कभी तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में खौफ का दूसरा नाम माना जाता था। तेलंगाना के वारंगल का रहने वाला रमन्ना नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सचिव रहा था। उस पर तीन राज्यों में कुल 2.40 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। दिसंबर 2019 में उसकी मृत्यु की खबर आई, लेकिन उसकी विचारधारा और नेटवर्क का असर लंबे समय तक महसूस किया गया। इसी प्रभाव को बनाए रखने के लिए नक्सली संगठन ने ऐसे स्मारकों को खड़ा किया ताकि डर जिंदा रहे, और असर कायम रहे। सुधीर जैन/चंद्राकर/05 फ़रवरी 2026