* गांधीनगर में ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड साइबर सिक्योरिटी’ पर तीन दिवसीय सेमिनार का शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने किया उद्घाटन गांधीनगर (ईएमएस)| ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड साइबर सिक्योरिटी’ विषय पर आयोजित सेमिनार के उद्घाटन अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और साइबर सुरक्षा के समन्वय से ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में आधुनिक शोध और तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे समय में गुजरात ऐतिहासिक धरोहरों जैसे सोमनाथ को सं याद रखने के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। सरकारी विज्ञान महाविद्यालय, गांधीनगर में आयोजित इस तीन दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन शिक्षा मंत्री ने गांधीनगर से किया। सेमिनार में शिक्षा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, विद्वानों तथा शिक्षाविदों की उपस्थिति में भारतीय प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय जैसे विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी प्रगति ‘शास्त्र से सॉफ्टवेयर’ और ‘शून्य से सुरक्षा’ तक की यात्रा है। वर्तमान समय में जब साइबर धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है, ऐसे में गवर्नमेंट साइंस कॉलेज द्वारा साइबर सुरक्षा में गणित के उपयोग पर किया गया शोध अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक सरकारी कॉलेज में शोध कार्य को अनिवार्य किया गया है तथा इसके लिए पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराया गया है। शोध क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए पीएचडी करने वाले छात्रों को दो लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री के विज़न का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमें “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। यह सेमिनार भारतीय विरासत और आधुनिक सुरक्षा के समन्वय के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर गांधीनगर उत्तर की विधायक रीता पटेल, गवर्नमेंट साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डी. पी. पटेल, गणित विभाग के प्रमुख डॉ. बी. एन. वालानी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ तथा राज्य की विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। सतीश/05 फरवरी