क्षेत्रीय
05-Feb-2026
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श्योपुर ( ईएमएस ) | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने कहा कि बैंकर्स परम्परागत व्यवसाय एवं पर्यटन आधारित रोजगार को बढावा दें, इससे संबंधित व्यवसायों, कलां कौशल को प्रमोट करने के लिए आर्थिक संसाधन मुहैया कराये जायें। इस अवसर पर एलडीएम रघुनाथ सहाय, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल, सहायक संचालक उद्योग शुभम अग्रवाल, सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी तथा बैंकर्स उपस्थित थे। अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने कहा कि पराम्परागत कौशल एवं व्यवसाय आधारित रोजगार और स्वरोजगार से बडी संख्या में कारीगर जुडे हुए है। ऐसे कारीगरों और व्यवसायियों को कारोबार विस्तार के लिए ऋण मुहैया कराया जायें, जिससे वे अपनी आमदनी को बढा सकते है। इसी प्रकार जिले में पर्यटन आधारित रोजगार की असीम संभावनाएं है, इस क्षेत्र में फायनेंस करना बैंको के लिए भी लाभदायक होगा और जिले में पर्यटन गतिविधियां बढेगी। अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने सभी बैंकर्स को निर्देश दिये कि एनआरएलएम के स्वसहायता समूहों को लक्ष्य अनुसार सीसीएल स्वीकृत किया जायें। वर्तमान में 55 करोड के लक्ष्य के विरूद्ध 36 करोड रूपये की राशि सीसीएल के रूप में 1471 समूहों को उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि मार्च से पहले लक्ष्य हासिल किया जायें। इस अवसर पर एसबीआई स्टेशन रोड द्वारा गुरू महाराज स्वसहायता समूह चन्द्रपुरा को सर्वाधिक सीसीएल राशि 12 लाख रूपये प्रदाय किये जाने पर प्रबंधक श्री राजीव वर्मा की प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि पीएमईएफएमई अंतर्गत 76 के लक्ष्य के विरूद्ध 39 प्रकरण स्वीकृत किये गये है तथा 35 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया वीरपुर एवं कैनरा बैंक श्योपुर के प्रबंधक को लक्ष्य अनुसार प्रकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिये गये। पीएम विश्वकर्मा, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एवं भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना में भी बैंकर्स को आवंटित लक्ष्य अनुसार प्रकरण स्वीकृति हेतु निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना वर्ष 2025-26 के लिए 56 इकाईयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके क्रम में स्थानीय स्तर पर 125 का लक्ष्य निर्धारित कर 130 प्रकरण विभिन्न बैंको को प्रेषित किये गये। बैंकर्स द्वारा 61 प्रकरण स्वीकृत किये गये है तथा 58 में ऋण राशि का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि शेष लंबित प्रकरण स्वीकृत कर वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। पशुपालन विभाग अंतर्गत पशुपालको के लिए केसीसी हेतु प्राप्त 1105 प्रकरणों में से 552 बैंको द्वारा स्वीकृत किये गये है। बकरी ईकाई योजना में 37 प्रकरण बैंको को प्रेषित किये गये, जिनमें से 05 प्रकरण बैंकों द्वारा स्वीकृत किये गये है। आचार्य विद्या सागर गौसंवर्धन योजना अंतर्गत 49 प्रकरण बैंको को प्रस्तुत किये गये है, जिनमें से 08 स्वीकृत किये गये है। जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति अंतर्गत संत रविदास स्वरोजगार योजना में 62 के लक्ष्य के विरूद्ध 71 प्रकरण बैंको को भेजे गये, जिसमें से 38 स्वीकृत कर 34 वितरित किये गये है। डॉ भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना अंतर्गत 88 के लक्ष्य के विरूद्ध 79 प्रकरण प्रेषित किये गये तथा बैंको द्वारा 45 प्रकरण स्वीकृत कर 36 वितरित किये गये है। आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना में 22 के लक्ष्य के विरूद्ध 45 प्रकरण बैंको को प्रेषित किये गये तथा बैंको द्वारा 15 स्वीकृत कर 13 में वितरण किया गया है। टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में 106 के लक्ष्य के विरूद्ध 49 प्रकरण प्रेषित किये गये, जिनमें 20 में स्वीकृति एवं 16 वितरण किये गये है।