नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल समेत देश के पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग जल्द ही संबंधित राज्यों का दौरा शुरू करेगा। इन दौरों का उद्देश्य चुनाव की तारीखों के एलान से पहले कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक तैयारियों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर आकलन करना है। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह के बाद कभी भी चुनावों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इस साल जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं, तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई, केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई, असम की 126 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को पूरा होगा। इसके अलावा, पुडुचेरी की 30 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल 15 जून 2026 को खत्म हो रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के तहत इन सभी राज्यों में कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई विधानसभा का गठन अनिवार्य है। सूत्रों के मुताबिक, चूंकि चार राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल मई महीने में और पुडुचेरी का जून में समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव आयोग समय से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में जुट गया है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल सबसे पहले 7 मई को समाप्त हो रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए आयोग की प्राथमिकता भी इसी राज्य पर अधिक रहने की संभावना है। आयोग फरवरी के अंत से लेकर मार्च के पहले सप्ताह तक इन राज्यों का दौरा कर सकता है। इस दौरान संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के साथ बैठकें की जाएंगी। इसके अलावा, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से भी संवाद किया जाएगा, ताकि चुनाव से जुड़े उनके सुझावों और आपत्तियों को सुना जा सके और यदि कोई वैध बिंदु हो तो उसे चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। गौरतलब है कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों में तारीखों के एलान से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक कुल 42 दिन का समय लगा था। बिहार में चुनाव की घोषणा 6 अक्टूबर 2025 को हुई थी और दो चरणों में मतदान के बाद 16 नवंबर को पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई, जबकि विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक था। इसी पैटर्न को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इन पांच राज्यों में भी चुनावों की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह के बाद की जा सकती है। राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे इन चुनावों को लेकर सभी दलों की निगाहें अब चुनाव आयोग के आधिकारिक एलान पर टिकी हुई हैं। हिदायत/ईएमएस 06 फरवरी 2026