आदेश का पालन नहीं करने पर पर्यटकों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई सवाई माधोपुर,(ईएमएस)। राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व समेत कुल चार टाइगर रिजर्व में रील बनाने, वीडियो शूट करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत उठाया है, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में कोई बाधा न आए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिअक सफारी के पर्यटक और गाइड मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए आदेश जारी किया है। इसके तहत टाइगर रिजर्व में पोस्टर और फ्लैक्स भी लगा दिए गए हैं। साथ ही गाइड को भी निर्देश दिए हैं कि वे मोबाइल फोन के रोक संबंधी आदेश के बारे में टूरिस्ट्स को भी अवगत करा दें। राजस्थान में फिलहाल चार टाइगर रिजर्व है। इनमें रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर), मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा) और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी) शामिल हैं। धौलपुर-करौली और कुंभलगढ़ को भी टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के कारण कई पर्यटक जानवरों के बेहद करीब जाने की कोशिश करते हैं, जिससे जानवर परेशान होते हैं। सफारी गाड़ियां एक जगह इकट्ठी हो जाती हैं। इससे जंगल का शांत माहौल प्रभावित होता है और वन्यजीवों पर दबाव बढ़ता है। यह फैसला वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। डीएफओ ने बताया कि आदेश का पालन नहीं करने पर वन विभाग की ओर से पर्यटकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे पर्यटकों पर पेनल्टी लगाई जाएगी। यह 100 रुपए से लेकर हजारों में हो सकती है। इसके साथ ऐसे लोगों के खिलाफ वन विभाग एफआईआर भी दर्ज करा सकता है। हालांकि आदेश के तहत सफारी के दौरान सिर्फ मोबाइल फोन पर रोक रहेगी। डिजिटल कैमरे और डीएसएलआर कैमरे बिना किसी चार्ज के ले जा सकेंगे। साथ ही सैलानियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वन्यजीवों के पास नहीं जाएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिराज/ईएमएस 07फरवरी26 --------------------------------