नई दिल्ली(ईएमएस)। देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया के बेड़े को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि एयरलाइन के हर 10 में से 7 विमानों में किसी न किसी तरह की तकनीकी खामी पाई गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एयर इंडिया के लगभग 70 फीसदी विमान तकनीकी रूप से समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो सभी भारतीय एयरलाइन्स में सबसे अधिक है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2026 तक विभिन्न एयरलाइनों के कुल 377 विमानों में बार-बार गड़बड़ी होने के मामले दर्ज किए गए। सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि एयर इंडिया के जिन 166 विमानों की जांच की गई, उनमें से 137 विमानों में तकनीकी खामियां पाई गईं। इसी समूह की अन्य कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के भी 101 विमानों में से 54 में बार-बार खराबी की बात सामने आई है। जांच के दायरे में केवल एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि अन्य निजी एयरलाइन्स भी रहीं। इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से 148 विमानों में तकनीकी समस्याएं मिलीं। वहीं, स्पाइसजेट के 43 विमानों में से 16 और अकासा एअर के 32 विमानों में से 14 विमानों में बार-बार गड़बड़ी होने की पुष्टि हुई है। इस अवधि के दौरान विमानन सुरक्षा नियामक, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कुल 3,890 निगरानी निरीक्षण किए। हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों में उड़ानों के दौरान तकनीकी खराबी की कुल घटनाओं में धीरे-धीरे कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में खराबी के 448 मामले सामने आए थे, जो 2024 में घटकर 421 रह गए। सरकार का दावा है कि डीजीसीए के पास हवाई अड्डा संचालकों और विमानों की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित सुरक्षा तंत्र मौजूद है, जिसके तहत औचक निरीक्षण और नियामक ऑडिट किए जाते हैं। नियमों के उल्लंघन या सुरक्षा मानकों में कोताही पाए जाने पर डीजीसीए द्वारा सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है। एयरलाइन्स के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे किसी भी तकनीकी घटना की रिपोर्ट तुरंत नियामक को दें। ऑडिट के दौरान मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए संबंधित एयरलाइन्स को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाते हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। वीरेंद्र/ईएमएस/06फरवरी2026