राज्य
06-Feb-2026


मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने बुधवार को बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर रोहित शेट्टी के जुहू वाले घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के सिलसिले में पुणे से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। इस आरोपी को चार अन्य लोगों के साथ मुंबई की मुख्य महानगर दंडाधिकारी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि आगे की जांच के लिए सभी पांचों आरोपियों को 11 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखा जाए। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पुणे से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किया गया पांचवां आरोपी आसाराम फासले उर्फ ​​बाबू है। उसके पास से तीन पिस्टल बरामद की गईं। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों की तलाश शुरू की। मुंबई पुलिस के अनुसार, वारजे पुलिस स्टेशन की एक टीम ने वारजे, कर्वे नगर, धायरी और नरहे इलाकों में कार्रवाई चलाकर चार लोगों को हिरासत में लिया। स्वप्निल बंदू सकट (23), सिद्धार्थ दीपक येनपूरे (20), और समर्थ शिवशंकर पोमाजी (18) को धायरी से गिरफ्तार किया गया, जबकि आदित्य ज्ञानेश्वर गायके (19) को कर्वे नगर से गिरफ्तार किया गया। एक और आरोपी, शुभम लोणकर अभी भी फरार है। पुलिस को यह भी पता चला है कि वारजे इलाके का कुख्यात गैंगस्टर शुभम लोणकर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में शामिल था। उसने सिद्दीकी के हत्यारों को पनाह दी थी। इस घटना के बाद शुभम लोणकर फरार हो गया, और पुलिस को अभी भी उसके ठिकाने का पता नहीं है। चारों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल की गई स्कूटर जब्त कर ली। आरोपी आदित्य गायके ने यह दोपहिया वाहन पुणे के एक व्यक्ति से 30,000 रुपये में खरीदा था। इसके बाद आदित्य समर्थ पोमाजी के साथ स्कूटर लेकर जुहू में एक जगह गया और उसे वहीं छोड़ दिया। एक आरोपी के घर से एक पिस्टल, एक एयर गन और तीन गन मैगजीन जब्त की गईं। सभी आरोपी शुभम लोणकर के संपर्क में थे। वे एक-दूसरे से बात करने के लिए सिग्नल मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। फायरिंग की घटना के बाद उन सभी ने ऐप डिलीट कर दिया। इसलिए कोर्ट से आगे की जांच और आरोपियों से एक साथ पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड बढ़ाने का अनुरोध किया गया। कोर्ट ने अनुरोध मान ली और सभी आरोपियों को 11 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उधर पुणे से पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों ने कोर्ट में एक बार फिर दावा किया कि उन्हें फायरिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके वकील अजिंक्य मिरगल ने मामले में सभी गंभीर आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि, इन आरोपियों को पुलिस ने सिर्फ शक के आधार पर गिरफ्तार किया है। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, न ही उन्होंने कोई गोली चलाई है। सिर्फ इतनी जानकारी है कि आरोपी नंबर 1 शुभम लोणकर के संपर्क में था। जिन्होंने असल में फायरिंग की है, उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपी नंबर 1 बाकी तीन लोगों का दोस्त है। उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, उन्हें यह भी नहीं पता था कि ऐसा कुछ होने वाला है। सिर्फ दोस्त को स्कूटर देने से यह साबित नहीं होता कि वह मुख्य अपराध में सीधे तौर पर शामिल था। सभी आरोपी जांच में सहयोग कर रहे हैं। आरोपियों ने गाड़ी दी थी, लेकिन उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। फिर भी, पुलिस ने उन पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। संजय/संतोष झा- ०६ फरवरी/२०२६/ईएमएस