क्षेत्रीय
06-Feb-2026
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रायपुर(ईएमएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम एक अत्यंत गंभीर चिंताजनक और लोकतंत्र की जड़ों को हिला देने वाले विषय को लेकर आपके समक्ष उपस्थित हुए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्तमान में चल रहे एसआईआर (Special Intensive Revision) के नाम पर मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं को वंचित करने की साजिश सामने आ रही है। एसआईआर की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल उलझाऊ और तकनीकी बना दिया गया है कि आम नागरिक विशेषकर गरीब अल्पसंख्यक ग्रामीण बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोग इसे समझ ही नहीं पा रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हो रहा है कि बड़े पैमाने पर षडयंत्रपूर्वक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं जिससे वे अपने संवैधानिक अधिकार, मतदान से वंचित हो जाएंगे। लोक सभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के द्वारा विगत कई महिनों से वोट चोरी की आवाज उठाया जा रहा है। जिसे प्रमाण सहित साबित भी कर रहे है। निर्वाचन आयोग और भारत शासन अपने रवैये में सुधार नहीं कर रही है और एसआईआर के माध्यम से जिन-जिन प्रदेशो में हो रहा है वहां पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं का उनके मताधिकार से वंचित करने का अभियान जलाया जा रहा है। अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में षडयंत्र, साजिश का ताजा और प्रत्यक्ष उदाहरण सामने आया है, जहां हमारे कार्यकर्ताओं के प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि लगभग 719 ऐसे मतदाता जो जीवित हैं जो उसी वार्ड एवं उसी गांव में वर्षों से निवास करते है और कर रहे हैं इसके बावजूद गलत और झूठी शिकायत के आधार पर उनके नाम निर्वाचन नामावली से विलोपित किए जा रहे हैं। यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। उन्हें निर्देश देकर गांव मोहल्लों में सर्वे कराया गया जिसमें यह चिन्हित किया गया कि कौन-कौन मतदाता कांग्रेस समर्थक हैं और इन्हीं चिन्हित मतदाताओं के नाम एसआईआर के नाम पर कटवाने की प्रक्रिया चलाई गई। इस सूची में अधिकांश अल्पसंख्यक मतदाता एवं गरीब और पिछड़े वर्ग के चिन्हित मतदाता हैं तथा वे मतदाता हैं जो लगातार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते आ रहे हैं। स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों द्वारा बीएलओ (Booth Level Officers) पर दबाव बनाया जा रहा है उनसे यह रिपोर्ट बनवाने को कहा जा रहा है कि फलां व्यक्ति गांव में नहीं रहता। वह बाहर चला गया है। जबकि हकीकत यह है कि वे सभी लोग आज भी उसी गांव/वार्ड में निवासरत हैं। यह न केवल निर्वाचन प्रक्रिया से छेड़छाड़ है बल्कि आपराधिक कृत्य भी है। इस षड्यंत्र का पैटर्न केवल अभनपुर विधानसभा तक सीमित न होकर आशंका है कि पूरा प्रदेश में जोरो से चल रहा होगा। यह कृत्य दर्शाता है कि फर्जी आपत्तियां, फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नामों के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने का संगठित षड्यंत्र चल रहा है। जो कि लोकतंत्र संविधान और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की भावना के विरुद्ध है। हम इस पूरे मामले की प्रदेश निर्वाचन अधिकारी से उच्च स्तरीय शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग भी करते है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा झूठी शिकायत की गई है, ये 719 व्यक्ति जीवित नहीं है या गांव से बाहर चले गये है। जिन लोगो ने झूठा रिपोर्ट किया है उनके ऊपर अपराध दर्ज होना चाहिए एवं कानूनी कार्यवाही होना चाहिए। जो बीएलए 1 और बीएलए 2 भाजपा के बने है। जिन्हें निर्वाचन आयोग ने इन कार्यों के लिए अधिकार दिया है और ये अपने कानूनी अधिकार का दुरूपयोग कर षयड़त्रपूर्वक झूठी जानकारी दिये हैं। ऐसे लोगों पर गंभीर अपराधो की धारा के तहत कठोर से कठोर कार्यवाही पुलिस के माध्यम से करावे। स्थानीय स्तर के निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिकायत की जा चुकी है। दोषी भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और दबाव में रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं तथा यह सुनिश्चित करें कि जीवित और निवासरत किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से न कटे। मतदाता सूची से हटाए गए सभी जीवित एवं निवासी मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने की मांग करते हैं तथा इस मामले की शिकायत संबंधित थाने में एवं निर्वाचन संबंधित अधिकारी के समक्ष दर्ज कराई गई है। अंत में हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। अकारण मतदाता सूची से नाम काटना लोकतंत्र की हत्या के समान है। कांग्रेस पार्टी इस साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी और हर स्तर पर सड़क से सदन तक प्रशासन से निर्वाचन आयोग तक कड़ा संघर्ष करेगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)06 फरवरी 2026