नई दिल्ली (ईएमएस)। अंडर-19 विश्व कप में रिकॉर्ड छठी जीत, वैभव सूर्यवंशी की 175 रन की विस्फोटक पारी बनी भारत की सफलता की कुंजी भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में अपने स्वाभाविक अंदाज में खेलते हुए ऐसा धमाका किया, जिसने इंग्लैंड की पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया। महज 14 वर्ष की उम्र में सूर्यवंशी ने 80 गेंदों पर 175 रन की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 15 छक्के और 15 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड को 311 रन पर रोककर 100 रन से मुकाबला जीत लिया। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरे टूर्नामेंट में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए सूर्यवंशी ने कहा कि उन्हें अपने कौशल पर पूरा भरोसा था और टीम ने शुरुआत से ही अनावश्यक दबाव नहीं लेने की रणनीति अपनाई। मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दिखाए गए प्रदर्शन को दोहराने पर जोर दिया और इसी प्रक्रिया ने उन्हें बड़े मुकाबले में जीत दिलाई। सूर्यवंशी ने बताया कि टीम पिछले 8–9 महीनों से लगातार कड़ी मेहनत कर रही थी, जिसका नतीजा अब जाकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि एशिया कप में पाकिस्तान से हार के बाद टीम ने और ज्यादा तैयारी की, जिसका सकारात्मक असर फाइनल में भी दिखाई दिया। भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने विश्व कप जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि टीम रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर द्वारा स्थापित विश्व कप जीत की विरासत को आगे बढ़ाना चाहती थी। उन्होंने अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और कहा कि टीम ने फाइनल में बिना दबाव के अपना स्वाभाविक खेल दिखाया। म्हात्रे ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को ‘जादुई’ बताते हुए कहा कि उनकी पारी को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता। मुख्य कोच ऋषिकेश कानिटकर ने इस जीत को ‘अविश्वसनीय’ करार दिया और कहा कि इंग्लैंड द्वारा दिखाए गए संघर्ष के बाद यह विजय और भी खास हो जाती है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों का इस तरह निखरकर सामने आना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। वहीं इंग्लैंड के कप्तान थॉमस रियू ने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने उनकी सारी योजनाओं को ध्वस्त कर दिया और इतनी करीब आकर ट्रॉफी गंवाना बेहद दर्दनाक है। डेविड/ईएमएस 07 फरवरी 2026