नई दिल्ली (ईएमएस)। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में निर्धारित भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अब भी सस्पेंस छाया हुआ है। बांग्लादेश के साथ हुई घटना के बाद पाकिस्तान सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी। इसके बावजूद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अभी तक आईसीसी को इस फैसले की आधिकारिक लिखित सूचना नहीं दी है। इस बीच आईसीसी और पीसीबी के बीच बैक-चैनल बातचीत जारी है, लेकिन मैच का भविष्य अधर में लटका हुआ है। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने भी इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई है। एसएलसी ने पीसीबी को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि पाकिस्तान के फैसले से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा, क्योंकि मुकाबला कोलंबो में खेला जाना है और टिकट बिक्री सहित कई आय स्रोत दांव पर हैं। हालांकि पीसीबी ने अपने रुख में बदलाव से इनकार करते हुए एसएलसी को स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल इस निर्णय पर कायम हैं। इन विवादों के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है श्रीलंकाई पुलिस इस राजनीतिक गतिरोध से अप्रभावित होकर भारत–पाकिस्तान मैच की सुरक्षा तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को मैच रद्द होने की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। इसलिए 15 फरवरी के मुकाबले को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीलंकाई पुलिस ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले तीन हाई-प्रोफाइल मैचों के लिए विशेष सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। इसमें 8 मार्च को श्रीलंका–आयरलैंड, 15 फरवरी को भारत–पाकिस्तान और 19 फरवरी को श्रीलंका–जिम्बाब्वे के मुकाबले शामिल हैं। इन मैचों के लिए स्टेडियम के भीतर और आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू होंगे। दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रैफिक रूट तय किए जाएंगे और शटल ट्रांसपोर्ट सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 1,500 पुलिस अधिकारी और 600 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती पहले ही कर दी गई है। अब गेंद पीसीबी और आईसीसी के पाले में है। जबकि राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है, श्रीलंका में सुरक्षा एजेंसियाँ मान रही हैं कि मैच तय कार्यक्रम के अनुसार ही होना चाहिए जब तक कि आधिकारिक तौर पर इसे रद्द करने की सूचना न मिले। डेविड/ईएमएस 07 फरवरी 2026