- 23 अन्य पुलिस अधिकारियों का निलंबन बरकरार मुंबई, (ईएमएस)। अवैध हॉकरों के खिलाफ कार्रवाई न करने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन, गैर-हाजिरी, लापरवाही, मारपीट, अनुशासनहीनता और अन्य आपराधिक अपराधों के आरोप में मुंबई पुलिस के आठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और दो को नौकरी से निकाल दिया गया है। इस बीच, 23 अन्य पुलिस अधिकारियों का निलंबन बरकरार रखा गया है। यह फैसला पुलिस आयुक्त देवेन भारती की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में निलंबन समीक्षा समिति ने लिया। दरअसल प्रशासन ने पुलिस बल में अनुशासन, कार्यकुशलता और जनता के भरोसे को कमजोर करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। यह फैसला 30 जनवरी को हुई तिमाही निलंबन समीक्षा समिति बैठक में लिया गया। इस बैठक के दौरान, निलंबन समीक्षा समिति ने निलंबन जारी रखने का फैसला किया क्योंकि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ मामलों की प्रकृति गंभीर मानी गई। हालांकि, बांद्रा यातायात विभाग के हवलदार शरद शिंदे और शंकर जठर का निलंबन रद्द कर दिया गया और उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई के अधीन सेवा में बहाल कर दिया गया। उन्हें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सशस्त्र पुलिस बल, नायगांव में तैनात किया गया है। वहीं भांडुप पुलिस स्टेशन के हवलदार जितेंद्र खरात को 31 दिसंबर, 2024 से 365 दिनों से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से निलंबित कर दिया गया है। मुलुंड पुलिस स्टेशन के शंकर कुमार रूपनर भी लंबे समय से अनुपस्थित थे। नारायण आलंद पर चर्चगेट सबवे इलाके में अवैध हॉकरों के साथ मिलीभगत करने और उनके खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप है। * निलंबित और बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी ? सहायक पुलिस निरीक्षक नारायण आलंद (आजाद मैदान), पुलिस कांस्टेबल रामेश्वर गुलनाड (तारदेव), शिवाजी बलमे (वर्ली), तुषार तिवुरवाडे (अग्रीपाड़ा), शंकर कुमार रूपनर (मुलुंड), रेखा बुरुड (नवघर), पुलिस कांस्टेबल जितेंद्र खरात (भांडुप), और पुलिस नायक वसंत भूरा (एयरपोर्ट) को निलंबित कर दिया गया है। जबकि एमएचबी कॉलोनी पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल सुनील देसाई और विक्रम शेंडगे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। संजय/संतोष झा- ०७ फरवरी/२०२६/ईएमएस