राज्य
07-Feb-2026


देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा है कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ बिजली इंजीनियरों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल करेंगें। यहां ईसी रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में बिल लाए जाने पर तात्कालिक लाइटनिंग एक्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से पॉवर सेक्टर की जमीन बेचने का आदेश वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि आदेश वापस न हुआ तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर के राज्य विद्युत निगमों, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, दामोदर घाटी निगम तथा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में कार्यरत बिजली अभियंताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का औपचारिक नोटिस केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को सौंपा गया है। उन्हेांने चंडीगढ़ के विफल निजीकरण मॉडल का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम), राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इसी तरह के प्रयोगों के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को तत्काल वापस लिया जाए, जो निजीकरण और मल्टी-लाइसेंसिंग को बढ़ावा देता है, क्रॉस-सब्सिडी समाप्त करता है, बिजली दरें बढ़ाता है और मुनाफे वाले उपभोक्ताओं को निजी कंपनियों को सौंपने का रास्ता खोलता है। उन्होंने कहा कि शांति अधिनियम 2025 को वापस लिया जाए, जो परमाणु सुरक्षा और जवाबदेही को कमजोर कर निजी एवं विदेशी पूंजी के लिए द्वार खोलता है। राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 को रद्द किया जाए, जो उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में निजीकरण को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाती है। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/07 फरवरी 2026