लेख
08-Feb-2026
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हम भी रहें या ना रहें पर देश रहना चाहिए, जो भी आए घर मेरे सत्कार होना चाहिए। जिंदगी में कर्म की ही पहचान होती है सदा, कर्म जो अच्छा करे तो मान उसकी होती सदा , जिस जगह भी रहें, वहीं सुकर्म करना चाहिए। हम भी रहे या ना रहे पर देश रहना चाहिए। आदर उन्हें ही मिलता, जो वैर करते हैं नहीं, दिल से जो भी जुड़ जाए, अलग कभी हो सके नहीं, सम्मान पाने के लिए व्यवहार होना चाहिए। हम भी रहें या ना रहें पर देश रहना चाहिए। धन पद यश भी उसे मिले, जो भी करें घमंड नहीं, सफल जीवन उसे मिले, जो जलन किसी से करे नहीं, आगे कदम बढ़ते रहे ,आचरण होना चाहिए। हम भी रहें या ना रहें पर देश रहना चाहिए। जब तक नेता रहें सही, संसद सही चलती रहे, अनर्गल बहस करें नहीं, देश आगे बढ़ता रहे, लोकतंत्र हित में जरूरी ,बहस भी होना चाहिए। हम भी रहें या ना रहें पर देश रहना चाहिए। (पत्रकार साहित्यकार) .../ 8 फरवरी /2026