- सरकार को घेरने विधायकों ने पूछे 3478 सवाल - 2253 सवाल ऑनलाइन पूछे गए भोपाल (ईएमएस)।16 फरवरी से होने जा रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार विधायकों ने ऑफलाइन की तुलना में अधिक ऑनलाइन सवाल दायर किए हैं। विधानसभा सचिवालय को कुल 3478 सवाल प्राप्त हुए हैं, जिनमें 2253 सवाल ऑनलाइन और 1225 सवाल ऑफलाइन पूछे गए हैं। इनमें 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित सवाल शामिल हैं। विधायकों को ऑनलाइन माध्यम से सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और शून्यकाल की सूचनाएं भेजने की सुविधा दी गई है। सवाल भेजने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, हालांकि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल की सूचनाएं, नियम 139 के तहत प्रस्ताव और याचिकाएं भेजने के लिए अभी समय शेष है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री, वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक हो सकता है। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश के कई मंत्री विधानसभा में अपनी आय और संपत्ति का विवरण भी प्रस्तुत करेंगे। विपक्ष की तैयारी, सरकार अलर्ट बजट सत्र को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने की व्यापक रणनीति तैयार की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। जिनमें प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, प्रदेश में बढ़ता भ्रष्टाचार, अवैध खनन और खनन माफिया की सक्रियता, अवैध शराब की बढ़ती बिक्री, इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतें, छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से हुई मौतों का मामला औरबढ़ती बेरोजगारी और निवेश की धीमी रफ्तार। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और सरकार जवाब देने से बच रही है। भाजपा की काउंटर रणनीति वहीं, सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा ने भी विपक्ष के हमलों से निपटने के लिए कमर कस ली है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों और आरोपों का जवाब देने के लिए अलग-अलग भाजपा विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें लगातार ब्रीफिंग दी जा रही है ताकि सत्र के दौरान सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके। विनोद / 09 फरवरी 26