अंतर्राष्ट्रीय
09-Feb-2026


तेलअवीव (ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता शुरू होते ही इजरायल की चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुधवार, 11 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वॉशिंगटन पहुंच रहे हैं। इस अहम बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इजराइली पीएम नेतन्याहू की यह यात्रा तब हो रही है, जब अमेरिका और ईरान बीते एक महीने से तनाव कम करने के प्रयासों में जुटे हैं। ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने ओमान की राजधानी मस्कट में अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता की थी। संकेत मिले हैं कि दोनों देश अगले सप्ताह फिर से बातचीत की मेज पर बैठ सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि बातचीत सकारात्मक रही है, जबकि ईरान ने अपने रुख को लेकर सतर्क बयान दिया है। वहीं अब इजरायल को आशंका है कि अमेरिका कहीं ईरान के साथ ऐसा समझौता न कर ले, जिसमें उसके सुरक्षा हितों की अनदेखी हो जाए। इस बात से चिंतित नेतन्याहू चाहते हैं कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक और उसके सहयोगी गुटों जैसे हिज़्बुल्लाह और अन्य क्षेत्रीय संगठनों को समर्थन देने पर प्रतिबंध जैसी शर्तें जरूर शामिल हों। इजरायल का दबाव है कि अमेरिका इन मुद्दों को बातचीत से बाहर न रखे। गौरतलब है कि ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हालिया महीनों में कई बार मुलाकात हो चुकी है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात दिसंबर में हुई थी। इस बीच ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी देते रहे हैं कि यदि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता, तो सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प हो सकता है। वहीं ईरान साफ कर चुका है कि वह अपने मिसाइल कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार नहीं है। क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और तीखे बयानों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। इसके बाद नेतन्याहू-ट्रंप बैठक को पश्चिम एशिया की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। आशीष दुबे / 09 फरवरी 2026