अंतर्राष्ट्रीय
09-Feb-2026


देश के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप तेहरान(ईएमएस)। ईरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को सात साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई है। उनके वकील के मुताबिक उन्हें राज्य के खिलाफ साजिश और प्रोपेगेंडा के मामलों में दोषी ठहराया गया। सजा के साथ दो साल का आंतरिक निर्वासन और यात्रा प्रतिबंध भी लगाया गया है। मोहम्मदी फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं। वे 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों की मुखर समर्थक रही हैं। इससे पहले वे 13 साल सजा काट रही थीं और स्वास्थ्य कारणों से अस्थायी रिहाई पर थीं। मानवाधिकार संगठनों ने सजा की निंदा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान अमेरिका से परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत कर रहा है। नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल पीस प्राइज के लिए चुना गया था। यह पुरस्कार पाने वाली वो ईरान की दूसरी महिला हैं। उनको ईरान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और राजनीतिक कैदियों के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार के खिलाफ लड़ाई लडऩे के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। उन्होंने ईरान में मृत्यु दंड के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। नोबेल समिति के प्रमुख ने उन्हें ‘स्वतंत्रता सेनानी’ कहा था। जब उन्हें यह प्राइज मिला तब वो तेहरान की एविन जेल के अंदर थी। उनके बच्चों ने यह प्राइज लिया था जो कि पेरिस में रहते है। विनोद उपाध्याय / 09 फरवरी, 2026