मुरैना ( ईएमएस ) /मंडल बोर्ड परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने संबंधित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीएल बैठक के दौरान दिशा-निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने कहा है कि परीक्षा संचालन कार्य को निर्वाचन प्रक्रिया के समान संवेदनशील, गंभीर एवं उत्तरदायित्वपूर्ण मानते हुए संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा तथा इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, समस्त एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदौलिया, डिप्टी कलेक्टर सहित समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकासखंड स्तर पर गठित निरीक्षण दल (फ्लाइंग स्क्वॉयड) प्रतिदिन न्यूनतम चार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें, विशेष रूप से चिन्हित अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर दो से तीन अलग-अलग दलों द्वारा भिन्न-भिन्न समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाए। उन्होंने परीक्षा अवधि के दौरान प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक सघन जांच व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा खत्म होने की समय सीमा से पूर्व किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि परीक्षा में उपस्थित सभी कर्मचारी एवं स्टाफ को उचित आईडी कार्ड, जिला शिक्षा अधिकारी देना सुनिश्चित करें, जिससे उनकी पहचान में कोई समस्या न आए। उन्होंने निर्देशित किया कि केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्ष परीक्षा कक्ष निरीक्षक दल के साथ मुख्य प्रवेश द्वार पर उपस्थित रहकर सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के प्रवेश के समय प्रवेश-पत्र एवं वैध पहचान पत्र का सख्ती से मिलान किया जाए तथा पहचान पत्र पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की सील केवल कलेक्टर प्रतिनिधि की उपस्थिति में ही खोली जाएगी। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए उन्होंने पीडब्ल्यूडी को इन परीक्षा केन्द्रों के आसपास बेरिकेटिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा जिन 26 परीक्षा केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, वहां व्यवस्थाओं की पुनः जांच कर सुचारु संचालन की जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने परीक्षा की सतत निगरानी हेतु प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कलेक्ट्रेट में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पूर्व एवं परीक्षा समाप्ति के एक घंटा पहले से राजस्व अधिकारी अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। कलेक्टर ने बताया कि मंडल बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने सभी कलेक्टर प्रतिनिधियों को थाना परिसर में समय पर उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में प्रातः 8ः30 बजे एवं असामान्य परिस्थितियों में प्रातः 8ः40 बजे के पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाए। उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि प्रातः 8.50 बजे से पूर्व किसी भी स्थिति में प्रश्नपत्रों का वितरण न किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रातः 7 से 8 बजे के मध्य कलेक्टर प्रतिनिधि प्रश्नपत्रों के बॉक्स लेकर समय पर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें तथा बॉक्स खोलने से पूर्व उसकी सभी तरफ से वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। निरीक्षण दलों को निर्देशित किया गया कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नकल, सामूहिक नकल अथवा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पाई जाती है, तो उसकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में अंकित कर तत्काल कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी सीईओ जिला पंचायत को अवगत कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि मंडल बोर्ड परीक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में ईमानदारी, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों की भावना विकसित करना है। सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी परीक्षा संचालन के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, सजगता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।