राज्य
09-Feb-2026
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- जांच के आदेश देहरादून,(ईएमएस)। उत्तराखंड में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की गरिमा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गणतंत्र दिवस पर आयोजित पुलिस परेड के दौरान अनुशासन और निर्धारित प्रोटोकॉल की अनदेखी के आरोप में राज्य के दो आईपीएस अधिकारियों पर गाज गिरी है। पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए औपचारिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के दायरे में आए अधिकारियों में हरिद्वार में तैनात आईपीएस जितेंद्र मेहरा और देहरादून में कार्यरत आईपीएस कुश मिश्रा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित पुलिस परेड में सभी राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों के लिए सेरेमोनियल यूनिफॉर्म पहनकर शामिल होना अनिवार्य होता है। यह व्यवस्था राष्ट्रीय पर्व की गरिमा, अनुशासन और एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से तय की गई है। बताया जा रहा है कि आईपीएस जितेंद्र मेहरा ने इस नियम का पालन नहीं किया। वह गणतंत्र दिवस परेड में सेरेमोनियल यूनिफॉर्म की बजाय सामान्य ड्यूटी यूनिफॉर्म पहनकर पहुंचे। इसे स्पष्ट रूप से प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया है। अब जांच के दौरान उनसे यह स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि उन्होंने निर्धारित यूनिफॉर्म क्यों नहीं पहनी और इसके पीछे क्या कारण रहे। वहीं दूसरा मामला देहरादून में तैनात आईपीएस कुश मिश्रा से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेना ही जरूरी नहीं समझा और कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे। बताया जा रहा है कि कुश मिश्रा हाल ही में देहरादून में तैनात हुए हैं। इससे पहले भी उनके खिलाफ दो अलग-अलग मामलों की जांच हो चुकी है। इनमें जनपद पौड़ी में एक राजनीतिक नेता की पार्टी के दौरान पुलिस दबिश का मामला और एक चौकी परिसर में मारपीट से जुड़ा प्रकरण शामिल है, जिनकी जांच रिपोर्ट पहले ही पुलिस मुख्यालय को सौंपी जा चुकी है। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं। लोकभवन में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में भी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल न होने की बातें सामने आई थीं। ऐसे में अब दो आईपीएस अधिकारियों से जुड़े इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल और तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों प्रकरणों को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और यह जांच की जाएगी कि उन्होंने किन परिस्थितियों में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। इस पूरे मामले की जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।