रायपुर (ईएमएस)। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर माओवादी आतंक को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उपाध्याय ने कहा कि यह बयान पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने वाला है। विकास उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति अब सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाने तक सिमट कर रह गई है। माओवादी आतंक को लेकर भी केंद्रीय गृह मंत्री एक बार फिर सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस शासनकाल में माओवादी गतिविधियों और अपराधों पर निरंतर और प्रभावी नियंत्रण किया गया, न कि उन्हें किसी भी प्रकार का संरक्षण दिया गया। श्री उपाध्याय ने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी के रमन सिंह जी के तीन कार्यकाल में क्या माओवादी आतंक अपने सर्वाधिक चरम पर नहीं था? उन्होंने कहा कि अमित शाह जी को यह बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ को झकझोर देने वाली झीरम घाटी की अमानवीय घटना, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 30 लोग शहीद हुए, और मदनवाड़ा जैसी घटनाएँ, जिनमें पुलिस अधीक्षक सहित कई वीर जवान शहीद हुए—ये घटनाएँ किसके शासनकाल में हुईं? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश की जनता जितनी सुरक्षित थी, आज भाजपा शासन में उतनी ही असुरक्षित और अपराधों से त्रस्त है। आज प्रदेश में आपराधिक घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार सच्चाई स्वीकारने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष मढ़ने में लगी हुई है। विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता सब देख और समझ रही है, और अब भाजपा के झूठे आरोपों और खोखले बयानों में आने वाली नहीं है। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/9 फरवरी 2026