ज़रा हटके
10-Feb-2026
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-देश में ऊंट सिर्फ जानवर नहीं, ट्रांसपोर्ट से लेकर वहां की संस्कृति का अहम हिस्सा रियाद,(ईएमएस)। सऊदी अरब में अब ऊंटों को भी पासपोर्ट जारी किया जाएगा। यह कदम ऊंटों से जुड़े पूरे सेक्टर को सही तरीके से संगठित करने और उसे आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। यह पहल देश की सऊदी विजन 2030 योजना का हिस्सा है। सऊदी अरब के उप पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री मंसूर अलमुशैती ने इसकी औपचारिक घोषणा की, जिसमें बताया गया कि देश ने आधिकारिक रूप से कैमल पॉसपोर्ट लॉन्च कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंसूर अलमुशैती ने बताया कि इस पासपोर्ट से ऊंटों की पहचान, रिकॉर्ड और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दर्ज की जा सकेगी। इससे सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और ऊंटों की खरीद-बिक्री में भरोसा भी मजबूत होगा। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर ऊंट पासपोर्ट की तस्वीर भी साझा की, जिसमें हरे रंग का पासपोर्ट और उस पर देश का चिन्ह और ऊंट की सोने जैसी छवि दिखाई गई है। अनुमान है कि 2024 में देश में करीब 2.2 मिलियन ऊंट हैं, और धीरे-धीरे सभी को इस सिस्टम में शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक अरब दुनिया में ऊंट सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट से लेकर वहां की संस्कृति तक का अहम हिस्सा हैं। सऊदी अरब में लोग ऊंटों के मालिक होते हैं, उन्हें पालते हैं और जरूरत पड़ने पर परिवहन के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए ऊंटों के लिए बनाया गया पासपोर्ट अब उनकी आधिकारिक और मान्य पहचान का दस्तावेज बनेगा। इस पासपोर्ट में हर ऊंट की स्वास्थ्य और रेग्युलेटरी जानकारी दर्ज होगी, ताकि उसकी देखभाल आसानी से की जा सके। मंसूर अलमुशैती ने बताया कि इस सिस्टम को ऊंट की जानकारी, मालिकाना हक और नस्ल का दस्तावेज तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे सेवाओं में सुधार, लेन-देन की विश्वसनीयता बढ़ाने और वेटरनरी तथा रेग्युलेटरी कार्रवाई को मजबूत करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय के मुताबिक यह पासपोर्ट एक विस्तृत पहचान रिकॉर्ड की तरह काम करेगा, जिसमें ऊंट का माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, नाम, जन्मतिथि, नस्ल, रंग, जन्मस्थान, लिंग और जारी करने वाली प्राधिकरण की जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही, ऊंट की दाएं और बाएं दोनों ओर से ली गई तस्वीरें भी जोड़ दी जाएंगी, ताकि उसकी पहचान सटीक हो सके। पासपोर्ट की एक मुख्य विशेषता टीकाकरण रिकॉर्ड है, जिसमें सभी वैक्सीनेशन दर्ज किए जाएंगे। इससे हर ऊंट के स्वास्थ्य का विश्वसनीय रिकॉर्ड बन सकेगा और किसी भी संक्रामक बीमारी की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया संभव होगी। इस पासपोर्ट से ऊंट बाजार में नियम और स्पष्ट होंगे। मालिकाना हक साबित करना आसान होगा। सिराज/ईएमएस 10 फरवरी 2026