* 9 से 13 फरवरी तक राज्यभर में केवायसी जागरूकता अभियान, साइबर ठगी और वित्तीय म्यूल्स से सतर्क रहने का संदेश अहमदाबाद (ईएमएस)| भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआईI) द्वारा वित्तीय जागरूकता और सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्यभर में 9 से 13 फरवरी 2026 के दौरान ‘वित्तीय साक्षरता सप्ताह–2026’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2016 से हर साल आयोजित होने वाले इस सप्ताह में प्रत्येक वर्ष किसी विशिष्ट वित्तीय विषय पर जन-जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस वर्ष की थीम “केवायसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर आपका पहला कदम” है, जिसका उद्घाटन मुंबई में भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सुरक्षित बैंकिंग की बुनियाद के रूप में अपने ग्राहक को जानें (केवायसी) के महत्व को रेखांकित किया गया। पिछले वर्ष वित्तीय समावेशन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चलाए गए अभियान के अनुभवों के आधार पर इस बार खातों के रि-केवायसी पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि बैंक खातों में लेन-देन बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। भारतीय रिज़र्व बैंक के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा गुजरात तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली, दमन और दीव में बैंकों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर केवायसी पुनः-पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए निकट सहयोग किया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान सेंट्रल केवायसी (सीकेवायसी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, केवायसी से जुड़े फर्जी कॉल और संदेशों से ग्राहकों को सतर्क करने तथा फाइनेंशियल म्यूल बनने के जोखिम के बारे में आम जनता को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत, आरबीआई अहमदाबाद के क्षेत्रीय निदेशक अमरेश रंजन ने आरबीआई, अहमदाबाद में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ‘वित्तीय साक्षरता सप्ताह’ के पोस्टरों का अनावरण किया। सभी हितधारकों ने सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर फॉर एक्सीलेंस के एसपी संजयकुमार केशवाला ने साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और उसके पोर्टल की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ की जानकारी भी साझा की और केवायसी अभियान के दौरान बैंकों के साथ घनिष्ठ सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे साइबर अपराधों के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकों और अन्य हितधारकों के सहयोग से देशभर में यह जागरूकता एवं जन-संपर्क अभियान चलाया जाएगा। यह प्रयास केवल इस सप्ताह तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आगे भी जारी रहेंगे, ताकि केवायसी को केवल एक नियामकीय आवश्यकता नहीं बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद वित्तीय प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थापित किया जा सके| सतीश/10 फरवरी