नई दिल्ली (ईएमएस)। बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने आप के कार्यकाल में केंद्र, एलजी और नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया है। सरकार का कहना है कि इससे केंद्र–राज्य संबंध बेहतर होंगे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया है। यह फैसला सत्ता संभालने के बाद लिया गया और इसके लिए अदालतों में जल्द सुनवाई की मांग की गई। दिल्ली में फरवरी 2025 में विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित हुए थे, जिसमें 10 सालों से सत्ता में रही आम आदमी पार्टी को बीजेपी के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा था। सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार ने पूर्व सरकार की नीतियों और कानूनी रणनीतियों की समीक्षा की। इसी प्रक्रिया के तहत केंद्र और उपराज्यपाल के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया। मौजूदा दिल्ली सरकार की ओर से इस फैसले को प्रशासनिक स्थिरता और केंद्र- राज्य संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीजेपी का तर्क है कि लगातार मुकदमों से शासन प्रभावित हो रहा था और विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। इसकी आधिकारिक पुष्टि अधिकारियों ने 9 फरवरी को की है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/10/फरवरी/2026