क्षेत्रीय
10-Feb-2026
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मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पीडी ट्रायल एवं सामान्य वाद से संबंधित लंबित वादों के त्वरित एवं प्रभावकारी निष्पादन को लेकर समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी संबंधित जिला अभियोजन पदाधिकारी (डीपीओ), सहायक अभियोजन पदाधिकारी (एपीओ), पुलिस प्रतिनिधि, लोक अभियोजक (पीपी) एवं सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया गया कि सभी विधि पदाधिकारी स्पीडी ट्रायल से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन यथा शीघ्र करना सुनिश्चित करें साथ ही समान्य मामलो के निष्पादन में भी प्रगति लाएं। साथ ही प्रत्येक वाद में राज्य का पक्ष दृढ़तापूर्वक रखा जाय जिससे कि विभिन्न वादों में अधिकाधिक दोष सिद्धि कराया जा सके। बैठक में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण संबंधी अधिनियम, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, मद्य निषेध आदि विषयों से संबंधित अभियोजन एवं उसके अनुसंधान पर भी चर्चा हुई साथ ही बैठक में एक्साईज एक्ट ,पोक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, एससी/ एसटी एक्ट, हत्या ,डकैती, बलात्कार ,शस्त्र अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण और गंभीर मामलों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर ससमय निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हम सबकी यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि हम न्याय समय से दिला सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह आकलन किया कि किस स्तर पर कितने वाद लंबित हैं तथा उनके लंबित रहने के कारण क्या हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी लेते हुए लंबित वादों के त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट से जुड़े वादों का शीघ्र निष्पादन कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं निरंतर संवाद बनाए रखते हुए कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि वादों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो। इसके साथ ही, प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने अपेक्षा जताई कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन से आर्म्स एक्ट से संबंधित वादों के निष्पादन में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी कार्तिक कुमार/संतोष झा- १० फरवरी/२०२६/ईएमएस