छिंदवाड़ा (ईएमएस)। नाबालिग के साथ ज्यादती के मामले में श्रीमती तृप्ति पाण्डे विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के न्यायलय ने आरोपी दुर्गेश को २० साल के कठोर कारावास और १५००/- रूपये जुर्माने की सजा से दण्डित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार उईके ने पैरवी की । उन्होंने बताया कि २६ जून २०२५ की दोपहर नाबालिग पीड़िता घर पर अकेली थी माता-पिता मजदूरी करने गए थी। जब माता-पिता वापस लौटे तो उनकी चार साल की बेटी घर पर नहीं थी कुछ देर बाद बेटी रोती हुई मिली आस-पास के लोगो ने बताया कि मोहल्ले का दुर्गेश लड़की को डेम तरफ लेकर गया है तब नाबालिग पीड़िता की मां तुरंत डेम पहुंची वहा देखा कि लोगों की भीड़ लगी थी और बच्ची बहुत रो रही थी नाबालिग पीडिता की मां ने बच्ची से पूछी तो उसने रोते हुये बतायी कि वह दुकान तरफ थी आरोपी दुर्गेश उसे नदी तरफ घुमाने के बहाने लेकर गया और उसके साथ गलत काम किया तो वह रोने लगी तो आरोपी दुर्गेश वहां से भाग गया। घटना के बाद परिजनों ने देहात थाना पहुंच कर मामले की शिकायत दर्ज कराई । शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायलय में प्रस्तुत किया । जहां न्यायलय ने विचारण पश्चात आरोपी दुर्गेश को २० साल के सश्रम कारावास और अर्थ दण्ड से दंण्डित किया । ईएमएस/मोहने/ 10 फरवरी 2026