24 एमआरपी प्रकरण में 17.60 लाख की वसूली, 3,820 न्यायलीन केस दर्ज छिंदवाड़ा (ईएमएस)। ओवर रेटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मामले में छिंदवाड़ा आबकारी विभाग ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। जबलपुर के बाद छिंदवाड़ा ऐसा जिला है जहां सबसे अधिक एमआरपी उल्लंघन के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर कई जिले ऐसे भी हैं जिन्होंने पूरे सत्र में एक भी ओवर रेटिंग का मामला दर्ज नहीं किया, जिन पर अब आबकारी आयुक्त द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।जिले में शराब की ओवर रेटिंग के 24 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें संबंधित ठेकेदारों पर कुल 17 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। आबकारी विभाग की इस सख्ती से शराब विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कलेक्टर हरेंद्र नारायण के निर्देशन एवं सहायक आबकारी अधिकारी बीआर वैघ के मार्गदर्शन में जिले का आबकारी अमला लगातार एमआरपी उल्लंघन और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। विभाग का दावा है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। एक साल में 3 हजार 820 प्रकरण दर्ज आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में जिले में कुल 3 हजार 820 न्यायलीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 15 हजार 400 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। वहीं 8 लाख 47 हजार किलो महुआ लाहन को जब्त कर नष्ट किया गया। आबकारी विभाग की इस सक्रियता को प्रदेश स्तर पर गंभीर कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राजस्व संरक्षण के साथ उपभोक्ताओं के हितों की भी रक्षा हो रही है। भूराभगत मेला सांगाखेड़ा में आबकारी की दबिश भूराभगत मेला सांगाखेड़ा में अवैध मदिरा विक्रेताओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 6 प्रकरण कायम किए हैं। आबकारी वृत्त परासिया, जामई एवं दमुआ की संयुक्त टीम द्वारा मेला क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में सघन दबिश दी गई। टीम ने मेला क्षेत्र में संचालित जलपान गृह, होटल एवं ढाबों की जांच की, जहां विक्रय के लिए छिपाकर रखी गई देशी एवं विदेशी मदिरा बरामद की गई। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र की झाड़ियों में छिपाकर रखी गई 01 पेटी देशी मदिरा भी जब्त की ग ईएमएस/मोहने/ 10 फरवरी 2026